गुजरात के सूरत से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. मंगलवार सुबह सड़क किनारे सो रहे कुछ मजदूरों को डंपर ने कुचल दिया. जिसमें 15 मजदूरों की मौत हो गई और 4 घायल हो गए. सभी घायलों का इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है. इस हादसे में एक 6 माह की बच्ची बाल-बाल बची. लेकिन उसके माता-पिता की मौत हो गई.
(फोटो आजतक)
पुलिस का कहना है कि यह दर्दनाक हादसा सूरत से करीब 60 किलोमीटर दूर कोसांबा गांव के पास हुआ. बताया जा रहा है कि गन्ने से भरे एक ट्रैक्टर से टक्कर के बाद ट्रक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा. ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है.
लोगों का कहना है कि डंपर की स्पीड काफी तेज थी. फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों को कुचलता हुआ सीधे दुकानों में जा घुसा. गनीमत यह रही है कि सुबह से समय दुकानें खाली थीं. पुलिस में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. डंपर के ड्राइवर को भी चोटें आई हैं. उसका इलाज भी किया जा रहा है.
इस हादसे में मरने वाले और घायल मजदूर सभी राजस्थान के रहने वाले थे. जो सूरत के कीम इलाके में दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे. हादसे में एक 6 महीने की बच्ची बच गई लेकिन उसके माता-पिता की मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद सूरत रेंज के आईजी एसपी राजकुमार भी मौके पर पहुंचे और हादसे वाली जगह का मुआयना किया.
इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक ट्वीट में कहा गया, 'सूरत में ट्रक हादसे में हुई मौतें दुखद हैं. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.