मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महिला सहायक लेखाधिकारी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसे देखकर सभी के होश उड़ गए. पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि डॉक्टर पति ही महिला सहायक लेखाधिकारी का कातिल निकला. पुलिस ने बताया कि चरित्र के संदेह में ये हत्या की गई. आरोपी पति ने यूट्यूब पर देखकर लाश को ठिकाने लगाया. वह 24 घंटे तक लाश पर बर्फ डालकर रूम फ्रेशनर छिड़कता रहा ताकि बदबू न आए फिर झाड़ियों में फेंककर आग लगा दी.
पुलिस का कहना है कि भू- अभिलेख विभाग की सहायक लेखा अधिकारी सूर्या सिंह की लाश बरामद हुई थी. उनकी उम्र 30 वर्ष थी. छानबीन में उनका कातिल उसका वेटनरी डॉक्टर पति डॉक्टर संजय सिंह बैस ही निकला. पति डॉ संजय सिंह ने गुरुवार को पत्नी का गला घोंटकर कत्ल कर दिया और शव को 24 घंटे घर पर एक कमरे में रखे रहा. इसके बाद शव के हाथ - पैर बांधे और उसे एक बोरे में बांधा और स्कूटर पर रखकर कलेक्ट्रेट रोड पर मेट्रो टावर के पास झाड़ियों में फेंककर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.
यही नहीं, लाश ठिकाने लगाने के बाद शुक्रवार रात 12 बजे कातिल ने थाने जाकर पत्नी सूर्या के गुम होने की रिपोर्ट लिखाई. छानबीन में पुलिस ने पत्नी सूर्या की जली हुई लाश बरामद कर ली. जब पुलिस ने पति को शव के शिनाख्त के लिए थाने बुलाया तो उसने उसकी लाश को पहचानने से इनकार कर दिया. उसने पुलिस ने बताया कि वह उसकी पत्नी नहीं है.
सूर्या का शव मिलने के बाद सबसे पहले संदेह के तौर पर पुलिस ने मृतक के पति डॉ संजय सिंह को ही हिरासत में लिया था. जांच के बाद डॉ संजय को हिरासत में ले लिया जहां पूछताछ में उसने गुनाह कबूल कर लिया. सोमवार आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा. डॉक्टर ने हत्या की वजह पत्नी के चरित्र पर संदेह को बताया है. उसका कहना है कि शादी के बाद जब वह हनीमून गए तभी उसने पत्नी को बॉयफ्रेंड से सोशल मीडिया पर चैट करते पकड़ा था.कई बार मना करने पर भी वह नहीं मानी. गुरुवार को इसी बात पर झगड़ा हुआ और घटना घटित हुई.
हत्या के बाद आरोपी ने फ्रिज से बर्फ निकाली और शव के ऊपर डाल दी. वह रात भर रूम फ्रेशनर भी छिड़कता रहा जिससे बदबू न आये. उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए पूरी जानकारी यूट्यूब से निकाली. बता दें, शनिवार को एक अधजला शव पुलिस ने बरामद किया था. उसकी पहचान दर्पण कॉलोनी निवासी डॉ संजय सिंह बैस की पत्नी सूर्या के रूप में कई गई थी. पति के शव की शिनाख्त से इंकार के बाद शव की शिनाख्त सूर्या की बहन अनामिका ने शव पर अंगूठी और चैन देखकर की थी.
पुलिस के मुताबिक, कत्ल करने के 24 घंटे बाद डॉक्टर संजय ने लाश के हाथ-पैर बांधे और उसे एक बोरे में डाला. मृतका की लंबाई कम थी और दुबली थी इसलिए उसने लाश को इस तरह बांधा की स्कूटर पर आगे बोरा रखा जा सके. बोरे को वह शुक्रवार रात को मेट्रो टावर के पास झाड़ियों में ले गया. इससे पहले उसने पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा ओर फिर झाड़ियों में शव को आग लगा दी.
लाश ठिकाने लगाने के लिए आरोपी ने शुक्रवार को दिन में स्कूटर से घूमकर स्थान तलाशा. कलेक्ट्रेट रोड पर मेट्रो टावर के पास झाड़ियां उसे उपयुक्त लगीं. इस कारण उसने यहां शव को जलाने का प्लान बनाया. आरोपी ने यह भी बताया कि हत्या के बाद शव के पास बैठकर शराब भी पी. पुलिस ने मृतका का मोबाइल भी जब्त किया है. आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह किया. पुलिस ने जब स्कूटर से उसी रूट पर जाता फुटेज और मोबाइल लोकेशन दिखाई तो आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया.