एमपी में विदिशा जिले के गंजबासौदा में पिछले दिनों अपहरण की तीन घटनाएं सामने आईं. जिसकी वजह से पूरे नगर में भय का माहौल व्याप्त हो गया था. आम नागरिकों ने प्रशासन पर उंगली उठाना शुरू कर दिया था. पुलिस भी अपहरणकर्ताओं को तलाशने में जुटी हुई थी लेकिन पूछताछ के दौरान अपहरण की घटनाएं झूठी साबित हुईं. (विदिशा से विवेक ठाकुर की रिपोर्ट)
नगर में बढ़ती नशे के व्यापार और अपराध के चलते पुलिस की धरपकड़ निरंतर जारी है. लेकिन पिछले 1 सप्ताह से नगर में नाबालिग बच्चों के अपहरण संबंधी चर्चा पूरे नगर में चल रही थी. जिसके बाद गंजबासौदा एसडीओपी भारत भूषण शर्मा और सिटी थाना प्रभारी श्रीमती सुमि देसाई ने घटनाओं का खुलासा करते हुए अफवाहों पर विराम लगा दिया.
सिटी थाना कोतवाली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करते हुए बताया कि तीनों घटनाओं की जांच के बाद पता लगा है कि नगर में घटित अपहरण संबंधी सभी घटनाएं भ्रामक और अफवाह साबित हुई.
पहली घटना में नाबालिग बच्चा फिल्म एक्टर बनने के लिए अपने दोस्त के साथ मुंबई जाने की तैयारी से बिना बताए घर से निकल गया था, लेकिन दोस्त के साथ हुई अनबन के कारण वापस लौट आया. इस संदर्भ में परिवार द्वारा थाने में मामला भी दर्ज कराया गया था.
दूसरी घटना में परीक्षा से घबराकर नाबालिग बच्चा घर से भाग गया था जिसके बाद उसने अपने अपहरण की झूठी घटना बनाकर परिवार के साथ थाने में मामला दर्ज कराया. विवेचना में उपरोक्त घटना झूठी साबित हुई और उसे अपनी गलती का एहसास हुआ.