बिहार के समस्तीपुर से एक लूट की झठी साजिश रचने का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सारे मामले का खुलासा किया. दरअसल जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के कोनैला गांव के रहने वाले फिनो बैंक के सीएसपी संचालक सुनील कुमार ने थाने में सोमवार को शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ बदमाशों ने उनसे हथियार के बल पर सात लाख 65 हजार रुपये लूट लिए हैं.
पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि बैंक से इतनी रकम निकाली ही नहीं गई है. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शक के आधार पर शिकायतकर्ता सीएसपी संचालक सुनील कुमार के फोन को सर्विलांस पर लगाया. फिर पुलिस को शक हुआ कि दाल में कुछ काला है.
लूट की शिकायत पर पुलिस गंभीरता से जांच करती रही और इस दौरान कई लोगों से पूछताछ की भी गई. फिर पुलिस को शक हुआ कि यह शिकायत झूठी है. इसके बाद सुनील कुमार से सख्ती से पूछताछ की गई और सारे मामले की पोल खुल गई.
सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि उसने यह साजिश इसलिए रची कि जिससे उसे कर्ज का पैसा लौटाने से बचने के लिए कुछ समय की मोहलत मिल जाए, लेकिन पुलिस ने उसकी सारी मंशा पर पानी फेर कर रख दिया. जिस मोबाइल को लूट लिए जाने की बात पुलिस को बताई गई थी वो मोबाइल फोन पुलिस ने उसी की बाइक में रखा मिला.
समस्तीपुर पुलिस ने सुनील कुमार को झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. बता दें, सीएसपी संचालक ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वो प्रखंड कार्यालय रोड स्थित माया माइक्रो फाइनेंस से 4 लाख 44 हजार की निकासी करने के बाद गुरदासपुर स्थित ग्रामीण बैंक में जमा करने जा रहे थे. इसी बीच कुछ अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और उसके पास से 7 लाख 65 हजार रुपये लूट लिए.
पुलिस ने लूट की वारदात को देखते हुए जांच शुरू की और घटनास्थल का जायजा लिया. इसके बाद बैंक में जाकर जांच की तो पता चला कि पीड़ित संचालक ने किसी तरह की कोई रकम नहीं निकाली है. यह देखकर पुलिस के हैरान रह गई फिर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी तक पहुंच गई. सीएसपी संचालक सुनील कुमार को थाने पर बुला कर जब सख्ती से पूछताछ की तो लूट का मामला फर्जी निकला.
(प्रतीकात्मक फोटो)
दलसिंहसराय के डीएसपी दिनेश कुमार पांडेय ने बताया कि सीएएसपी संचालक से जब पुलिस ने पूछताछ किया तो ये बात सामने आया कि उसने एक व्यक्ति से जमीन बेचने के नाम पर बीस लाख रुपये कर्ज लिया था. इस बीच सीएसपी संचालक जमीन नहीं बेच रहा था तो कर्ज देने वाला व्यक्ति अपनी रकम वापस करने का दवाब बनाने लगा था. सुनील इस दवाब से बचने के लिए यह योजना बनाई कि क्यों न इन पैसों की लूट की झूठी घटना रच दी जाए. जिससे उसे कर्ज की राशि मांगने वालों से कुछ दिन की मोहलत मिल जाए. इसी योजना के तहत उसने दलसिंहसराय थाने में लूट की झूठी एफआईआर दर्ज करा दी. पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले को लेकर अलग अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सीएसपी संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.