साइको किलर के नाम से मशहूर अविनाश श्रीवास्तव आखिरकार गिरफ्तार हो चुका है. पटना पुलिस ने बुधवार की रात 11.30 बजे रक्सौल के मेन रोड पर स्थित एक होटल से उसे गिरफ्तार कर लिया है. समाचार पत्र प्रभात खबर के अनुसार, गिरफ्तारी के समय अविनाश श्रीवास्तव के साथ उसकी मां भी थी. दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे. इस दौरान पटना पुलिस की रंगदारी सेल ने उसे पकड़कर पटना भेज दिया है.
दरअसल, बिहार में 20 हत्याओं को अपने पिस्टल से अंजाम देने वाल अविनाश श्रीवास्तव उर्फ अमित, पूर्व एमएलसी ललन श्रीवास्तव का बेटा है. अविनाश राजधानी पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र के एमआइजी कॉलोनी का रहने वाला है. उसे बिहार में साइको किलर के नाम से जाना जाता है. गोरखपुर के श्रीप्रकाश शुक्ला के बाद यह दूसरा अपराधी है, जो ब्रस्ट फायर मारता है.
पिता की हत्या के बाद अपराध जगत में एंट्री:
दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से एमसीए करने के बाद इनफोसिस कंपनी में नौकरी कर चुका अविनाश उस समय अपराध जगत में आया, जब वर्ष 2002 में हाजीपुर में उसके पिता एवं तत्कालीन एमएलएसी ललन श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अविनाश पिता की मौत का बदला लेने के लिए वह दोषियों को खोजने लगा.
2003 में अविनाश ने अपने पिता के एक हत्यारोपित पप्पू खां की हाजीपुर में 32 गोली मारकर हत्या की थी. यहीं से उसे साइको किलर का नाम दिया गया. उसने अपने पिता के हत्यारों को चुन चुनकर मारा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाजीपुर में एक व्यक्ति की हत्या करने के बाद अविनाश तीन घंटे तक उसकी लाश के पास बैठा रहा और हर एक मिनट पर लाश को एक गोली मारता था.
2016 में वैशाली के एसपी ने जब अविनाश से पूछताछ की थी, तो उसने पटना में 20 हत्याओं की बात स्वीकारी. हाल ही में वह हाजीपुर जेल से छूटा है. जेल से निकलने के बाद वह नेपाल भागने की फिराक में था. इसकी जानकारी पटना पुलिस को लग गई. इसके बाद बुधवार की रात पटना पुलिस की रंगदारी सेल ने होटल में छापेमारी करके उसे रक्सौल से पकड़ लिया है.
(सभी तस्वीरें- सांकेतिक)