मध्य प्रदेश के रीवा में एक छात्र ने वाट्सएप स्टेट्स में "कोई भी रोया ना तो सच में सपने में आकर डराउंगा" लिखकर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. हैरत की बात है कि उसने दोस्तों और मां-बाप को रोने से क्यों मना किया है. परिजनों के साथ ही पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा कि आखिर छात्र ने क्यों आत्महत्या की है. (रीवा से विजय विश्वकर्मा की रिपोर्ट)
रीवा में बीकॉम ऑनर्स के छात्र ने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली. 21 वर्षीय छात्र ने मोबाइल पर सुसाइड नोट लिखकर वाट्सएप स्टेट्स में लगाया है.
इसमें लिखा है "कोई भी रोया ना तो सच में सपने में आकर डराउंगा. मैं अपने मम्मी पापा का सिर ऊपर करना चाहता था बट नीचे झुका दिया. मेरी कोई गलती नहीं एंड जो मैं कर रहा, उसमें किसी का कोई हाथ नहीं. सब कोई हंस-हंस कर विदा करेंगे मुझे. और किसी को कभी कुछ गलत बोला या गलत किया तो उसके लिए सॉरी. पापाजी, आपके ना रोने वाला प्रॉमिस मैं देखूंगा. कोई भी रोना नहीं चाहिए."
इस मार्मिक स्टेट्स को लगाकर छात्र ने सुसाइड कर लिया. इसमे जहां माता-पिता से माफ़ी मांगी है, साथ ही रोने से भी मना किया है.
वहीं, छात्र ने आत्महत्या का जिम्मेदार खुद को बताया है. मानवेन्द्र सिंह ने दोपहर में माता- पिता के साथ बैठकर खाना खाया और पिता को फल खिलाकर अपने कमरे में चला गया.
इसी बीच छात्र ने पिता की लाइसेंसी बंदूक से गोली मार कर आत्महत्या कर ली. आनन-फानन में परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
रीवा सीएसपी सचिन्द्र प्रसाद ने बताया कि पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर पोस्टमॉर्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया है. परिजन पढ़ाई का दबाव मान रहे हैं लेकिन आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है. पुलिस मान रही है कि पढ़ाई की वजह से छात्र मानसिक दबाव में था. हो सकता है कि इसी के चलते आत्महत्या की हो.