मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) में परीक्षाएं चल रही हैं. इस बार स्टूडेंट्स के नकल के तरीके देख कर सचल दल भी अचंभे में है. सीसीएसयू के सभी कॉलेजों में अब तक 300 से ज्यादा नकलची पकड़े जा चुके हैं. आइए देखते हैं कि इस बार स्टूडेंट्स किसी यूनिक तरीके से नकल लेकर आए, लेकिन फिर भी पकड़ गए.
एग्जाम देने आई एक छात्रा के दोनों हाथों में मेहंदी लगी हुई थी. उसने बड़ी ही सफाई से मेहंदी के बीच खाली जगह पर छोटे-छोटे अक्षरों में नकल लिखी हुई. सचल दल ने जब जांच की तो वह नकल करते हुए पकड़ी गई. सचल दल के कॉर्डिनेटर डॉक्टर शिवराज सिंह ने कहा कि समय के साथ नकल करने के तरीके बदल रहे हैं. कई छात्र हाथ पर ऐसे लिखते हैं कि दूर से वो आपको मेहंदी की डिजाइन लगेगी. गहन जांच में ये छात्र पकड़े जाते हैं. (फोटो क्रेडिट- उस्मान चौधरी)
इस तरह एक अन्य स्टूडेंट ने तो अपने हाथ को ही किताब बनाया दिया. उसने उस पर ब्लैक मार्कर पैन से सारे फॉर्मूल लिख लिए. उसकी यह स्मार्टनस काम नहीं और वह पकड़ी गई. इतना ही नहीं, उसके नाखूनों पर भी नकल लिखी मिली. इस पर सचल दल के कॉर्डिनेटर डॉक्टर शिवराज सिंह का कहना है कि छात्र नकल के लिए अब इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, वो नाखून पर फॉर्मूले लिख रहे हैं. (फोटो क्रेडिट- उस्मान चौधरी)
एक स्टूडेंट से मिली नकल को देख कर जांचकर्ता भी चकित हो गए. उसके पास भारी मात्रा में नकल की छोटी-छोटी पच्चियां मिलीं. साथ ही उसने अपनी हथेलियों पर नकल लिख रखी थी, लेकिन फिर भी वह पकड़ा गया. यूनिवर्सिटी के सचल दस्ते के अधिकारी इन तरीकों को देखकर अब यह कहने लगे हैं कि इतना दिमाग अगर छात्रों ने पढ़ाई में लगाया होता तो शायद ऐसा नहीं करना पड़ता. (फोटो क्रेडिट- उस्मान चौधरी)
एग्जाम में नकल पर रोक लगाने के लिए हर तरह के प्रयास भी किए जा रहे हैं. सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी भी लगाए गए हैं. हर परीक्षा कक्ष में एक आगे और एक पीछे दो कैमरे लगाए गए हैं. जिसका लिंक सीसीएसयू के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है. दूसरी ओर यूनिवर्सिटी की ओर से सचल दस्ते और केंद्रीय सतर्कता दल की टीम गठित की गई है तो वहीं छात्र नए-नए तरीके से नकल करके पूरी व्यवस्था को चुनौती भी दे रहे हैं. (फोटो क्रेडिट- उस्मान चौधरी)
जानकारों की मानें तो तकनीक के इस्तेमाल से नकल में काफी कमी आई है. नकल रोकने के लिए खास टीम भी बनाई जाती हैं. इसके बावजूद छात्र छात्राएं नकल करने के नए तरीके ढूंढ निकालते हैं. इससे पहले यूनिवर्सिटी की परीक्षा में स्मार्ट वाच को गूगल से जोड़कर भी नकल करते छात्र पकड़े गए थे. लेकिन इस बार स्टूडेंट्स सफेद रूमाल पर नकल लिखकर ला रहे हैं. साथ ही उनके पास से पर्चियां भी मिल रही हैं. (फोटो क्रेडिट- उस्मान चौधरी)
सचल दस्ते के अधिकारी डॉक्टर शिवराज सिंह का कहना है कि छात्र-छात्राएं ट्रेडिशनल तरीके अपना रहे हैं. पर्चियां एक पेज पर 50 पेज मैट्रियल कंप्रेस करके फोटोकॉपी करा कर लाने वाले मामले मिले हैं. मेहंदी, हथेली, नाखून, सफेद रूमाल, छोटी-छोटी पर्चियां नकल सामग्री लिख कर लाने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं. (फोटो क्रेडिट- उस्मान चौधरी)