यूपी के बिजनौर जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई. जिसमें दो बदमाशों को पैर में गोली लगी और एक सिपाही भी घायल हो गया. दिनदहाड़े मुठभेड़ से इलाके में हड़कंप मच गया. इन बदमाशों बिजनौर के मुथूट गोल्ड लोन फाइनेंस में कुछ दिन पहले लूट की कोशिश की थी. लेकिन वे नाकाम हो गए थे. इससे पहले ये बदमाश राजस्थान में डाका डालकर 25 किलो सोना लूट चुके हैं. पकड़े गए बदमाशों में एनएसजी का एक बर्खास्त कमांडो भी शामिल है. बदमाशों के पास से दो पिस्टल और करीब 300 ग्राम सोने की ज्वेलरी भी बरामद हुई है.
बिजनौर में बीती 19 जुलाई को मुथूट गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में लूट का प्रयास किया गया था. वो पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी. उससे पहले इन बदमाशों ने अपने साथियों के साथ मिलकर 14 जून को राजस्थान के मणिपुरम गोल्ड लोन में डाका डालकर 25 किलो सोना भी लूटा था. एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन के अनुसार मंगलवार को शहर में पुलिस चेकिंग कर रही थी. इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि दो लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी लूट की घटना को अंजाम दे सकते हैं.
उसी सूचना के मद्देनजर शहर के सभी चौराहों पर पुलिस चेकिंग कर रही थी. तभी मंडावर चौराहे पर दो मोटरसाइकिल सवार पुलिस को देखकर भागने लगे. जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वह नहीं रुके. इस पर सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता कोतवाली पुलिस के इंस्पेक्टर राधेश्याम और स्वाट टीम ने उनका पीछा किया. बदमाश मंडावर रोड पर आए और मोटरसाइकिल एक खेत में घुसा दी. फिर वे गन्ने के खेत में छुप गए.
जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. जिसमें पुलिस का एक जवान बादल ढाका गोली लगने से घायल हो गया. पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई. पुलिस टीम तुरंत घायल सिपाही और दोनों बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल ले गई. बदमाशों के पास से पुलिस को दो पिस्टल और करीब लूटे गए 300 ग्राम सोने की ज्वेलरी बरामद हुई है.
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि पकड़े गए दो बदमाशों में से एक रंजीत बिट्टू है, जो बर्खास्त एनएसजी कमांडो है. वह पंजाब के पटियाला का रहने वाला है. जबकि उसका साथी अमजद मुजफ्फरनगर का रहने वाला है. पुलिस ने बताया की इन बदमाशों से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि रंजीत उर्फ बिट्टू फौजी 19 जुलाई को बिजनौर के मुथूट गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में लूट का प्रयास कर चुका है.
उस घटना की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिल गई थी. जिसमें रंजीत दोनों हाथों में पिस्टल लेकर फाइनेंस कंपनी के मैनेजर को गन प्वाइंट पर लेकर स्ट्रांग रूम की तरफ जाने की धमकी दे रहा था लेकिन तभी मैनेजर ने सायरन बजा दिया और बदमाश रंजीत बिना घटना को अंजाम दिए वहां से भाग निकला था. बाहर भागते समय उसको एक पॉपकॉर्न विक्रेता ने पकड़ लिया था तो उसने हवाई फायरिंग की थी. दहशत के चलते पॉपकॉर्न विक्रेता की मौके पर ही मौत हो गई थी. तभी से पुलिस इसकी तलाश कर रही थी.
फिलहाल दोनों बदमाशों से अभी पूछताछ होनी बाकी है. पुलिस ने बताया कि इन बदमाशों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 14 जून को राजस्थान के चूरू में मणिपुरम गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में भी लूट की वारदात को अंजाम दिया था. जहां से ये 25 किलो सोना लूटकर फरार हो गए थे.
एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन के मुताबिक इन बदमाशों के दो साथी शादाब और हनीश अभी कुछ समय पहले हिसार में पकड़े गए थे. जबकि रंजीत उर्फ बिट्टू फौजी और अमजद वहां से भाग निकले थे. फरारी के चलते ही बिट्टू ने बिजनौर में मुथूट फाइनेंस कंपनी में लूट का प्रयास किया था. अब पुलिस इनसे विस्तार से पूछताछ करेगी. फिलहाल उपचार के लिए दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दिनदहाड़े गोलियों की आवाज़ से इलाका दहल गया. इस मुठभेड़ के बाद क्षेत्र के लोग दहशत में हैं. हालांकि दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ज़रूर ली है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई घटनाओं के बारे में जानकारी मिल सकती है. पुलिस इनके बाकी साथियों की तलाश कर रही है.