
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बिहार में आपराधिक गतिविधियों में इजाफा हुआ है. रविवार को जेडीयू नेता प्रिंस सिंह पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने हथियार समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है.
भोजपुर में बेखौफ हथियारबंद अपराधियों ने युवा जदयू के राष्ट्रीय सचिव प्रिंस सिंह बजरंगी पर गोलियों से हमला कर दिया था. इस दौरान उनके दोस्त मिथुन सिंह भी मौजूद थे. अपराधियों की गोली के शिकार हुए मिथुन सिंह की घटनास्थल पर मौत हो गई थी, जबकि प्रिंस सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बदमाशों के पास से दो देसी कट्टे, पांच जिंदा कारतूस और उनका मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है. एसपी हर किशोर राय ने बताया कि नवादा थाना क्षेत्र के ओवरब्रिज के समीप पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शुभम कुमार, नीतीश कुमार और विपुल को गिरफ्तार किया. पुलिस पूछताछ में इन लोगों ने फायरिंग में अपनी भागीदारी स्वीकार की है.
पुलिस ने तीनों बदमाशों पर हत्या और गोलीबारी के अलावा आर्म्स एक्ट का एक और मामला दर्ज करते हुए तीनों को जेल भेज दिया है.
बता दें कि पिछले रविवार को नवादा थाना क्षेत्र के जगदेव नगर मुहल्ले में हथियार बंद अपराधियों ने पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था को धत्ता बताते हुए युवा जदयू के राष्ट्रीय सचिव प्रिंस सिंह बजरंगी और उनके साथी मिथुन कुमार सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं. इस घटना में गोली लगने से जदयू नेता प्रिंस सिंह बजरंगी बुरी तरह से जख्मी हो गए थे, जबकि उनके साथी मिथुन कुमार सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी.
जख्मी जदयू नेता प्रिंस सिंह बजरंगी का फिलहाल पटना में इलाज चल रहा है और वो अब खतरे से बाहर हैं. मिथुन सिंह की हत्या मामले में उनके पिता सिताराम सिंह ने चार लोगों पर नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. जबकि घटना में जख्मी जदयू नेता प्रिंस सिंह बजरंगी ने अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले में पुलिस को कहा है कि इस मामले में जेल में बंद दो लोग शामिल हैं.
पुलिस इस हत्याकांड के पीछे जमीन का विवाद मानती है. पुलिस इस मामले में विस्तृत जांच कर रही है.
(आरा से सोनू सिंह की रिपोर्ट)