ओडिशा के कंधमाल जिले में एक व्यक्ति की रहस्यमय परिस्थिति में मौत के बाद बुधवार को दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही तीन होमगार्डों को उनकी सेवा से हटा दिया गया. कंधमाल एसपी सुवेंदु कुमार पात्रा ने गोछापाड़ा पुलिस स्टेशन के इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई की है.
26 सितंबर को गोछापाड़ा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत डांगनामु घाट के पास बौध जिले का निवासी ज्येष्ठ बंदकी मृत मिला था. मृतक एक गांजा तस्कर था. उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने मिलकर उसकी हत्या की है. मृतक के छोटे भाई कनिष्ठ बंदकी ने इस बारे में बयान दिया है.
उसने कहा, "मेरा भाई और उसका दोस्त मोटरसाइकिल पर जा रहे थे. उसी समय पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया. मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी. मेरा भाई नीचे गिर गया, लेकिन उसका दोस्त किसी तरह से वहां से भाग निकला. इसके बाद पुलिस वालों ने उसे जमकर पीटा और मौके पर ही मार डाला.
इसके बाद उन्होंने उसके शव को डांगनामु घाट में फेंक दिया और उसकी मोटरसाइकिल लेकर मौके से चले गए. एसपी ने एक एएसआई और एक हवलदार को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने 26 सितंबर को घटनास्थल पर ड्यूटी पर मौजूद तीन होमगार्डों को हटा दिया. इस की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं.
एसपी सुवेंदु कुमार पात्रा ने बुधवार को बताया, ''हमने इस घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है. अब तक पुलिस की आपराधिक संलिप्तता स्थापित नहीं हुई है. पुलिस अधिकारी उस दिन घाट के पास वाहनों की जांच कर रहे थे. उस समय ज्येष्ठा बंदकी ने अपनी बाइक नहीं रोकी.
वो वहां से भागने लगा. पुलिस वैन ने उनका पीछा किया, तो दोनों मोटरसाइकिल को सड़क के बीच में छोड़कर जंगल में भाग गए. पुलिस टीम बाइक लेकर थाने लौट आई. इसके बाद उस व्यक्ति का शव बरामद किया गया. पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है.
उन्होंने कहा, "मैं इस मामले में किसी भी आपराधिक पहलू से इनकार नहीं कर रहा हूं. मैं व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी कर रहा हूं. इसकी जांच के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की न्यूक्ति की गई है. हम उस व्यक्ति से पूछताछ करने की कोशिश कर रहे हैं, जो उस दिन मृतक के साथ था."