दलित श्रम अधिकार एक्टिविस्ट और मजदूर अधिकारी संगठन की सदस्य नौदीप कौर को उगाही के एक मामले में जमानत मिल गई है. हालांकि फिलहाल वो हरियाणा के करनाल जेल में ही रहेंगी. दरअसल श्रमिक अधिकार कार्यकर्ता नौदीप कौर को उगाही के एक मामले के संबंध में शुक्रवार को जमानत मिल गई. हालांकि, एक अन्य मामले में जमानत याचिका 12 जनवरी को खारिज होने के कारण कौर को जेल में रहना पड़ेगा. इस मामले में अब 13 फरवरी को सुनवाई होनी है.
शुक्रवार को एक वकील ने बताया कि कौर के विरुद्ध कुंडली पुलिस थाने में पिछले साल 28 दिसंबर को दर्ज एक मामले के संबंध में, उन्हें एक अदालत ने गुरुवार को जमानत दे दी थी. कौर, मजदूर अधिकार संगठन की सदस्य हैं और उन पर हत्या के प्रयास और उगाही के आरोप में तीन मामले दर्ज हैं. ऐसे में उन्हें जेल से बाहर आने के लिए बचे हुए एक मामले में भी जमानत लेनी होगी.
पंजाब के मुक्तसर साहिब के तहत गांव ग्यानंदर की रहने वाली नौदीप कौर के पिता का नाम सुखदीप सिंह है. नौदीप कौर को 12 जनवरी 2021 को आईपीसी की धारा 148, 149, 323, 452, 384 और 506 के तहत गिरफ्तार किया गया था. नौदीप कौर पर कुंडली पुलिस स्टेशन में इन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. ये एफआईआर पीड़ित ललित खुराना की शिकायत के बाद दर्ज की गई थी, जो एक प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट हैं.
पुलिस को दी गई तहरीर में लिखा गया था कि नौदीप कौर के साथ दो अन्य महिलाओं सहित 50 लोगों ने कंपनी कार्यालय पर धावा बोलते हुए अवैध रूप से पैसे की मांग की. जब पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी ने हंगामा कर दिया. पुलिस के पास जब फोन किया, तो आरोपियों ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दी.
इस दौरान पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो पुलिस के साथ भी झड़प हुई. पुलिस के जवान से उसकी बंदूक और दस्तावेज छीनने का प्रयास किया गया. विरोध करने पर पुलिस पर भी हमला कर दिया गया, जिसमें इंस्पेक्टर रवि कुमार और दो कांस्टेबल घायल हो गये. इस मामले में नौदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अन्य छह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये प्रयास कर रही है.
नौदीप कौर की छोटी बहन राजवीर कौर ने इन आरोपों का खंडन किया है. राजवीर कौर का दावा है कि उनकी बहन को झूठे आरोपों में फंसाया गया है. उन्होंने कहा कि 'मेरी बहन मजदूर और दलित अधिकार कार्यकर्ता है. वो फैक्टरी में कुछ मजदूरों की मजदूरी दिलाने के लिये गई थी, लेकिन कारखाना मालिक ने उन पर गोली चलवा दी, इसकी शिकायत करने का प्रयास किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई.'
वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने एक ट्वीट में दावा किया कि पुलिस हिरासत में नौदीप कौर को यातनाएं और यौन उत्पीड़न किया गया. उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्हें 20 दिनों के लिए जमानत के बिना हिरासत में लिया गया.
एसपी सोनीपत रणदीप सिंह रंधावा ने इन आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब नौदीप कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इससे पहले भी उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. नौदीप कौर पर लगाये गये कोई भी आरोप झूठे नहीं हैं. क्योंकि फैक्टरी परिसर से मिले सीसीटीवी फुटेज में नौदीप कौर मारपीट करते हुए देखी गई हैं.