अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर फंसीं बॉलीवुड एक्ट्रेस युविका चौधरी (Yuvika Chaudhary) सोमवार को हरियाणा के हांसी पुलिस स्टेशन में जांच में शामिल हुईं. पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और हांसी में डीएसपी ऑफिस में बैठाकर 3 घंटे तक पूछताछ की. इसके बाद उन्हें जमानत मिल गई.
दरअसल, युविका ने 25 मई को अपने ब्लॉग में एक वीडियो जारी कर अनुसूचित जाति पर अपमानजनक टिप्पणी की थी. जिसके बाद दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कलसन ने हांसी थाने में एक्ट्रेस के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था.
अपने खिलाफ दर्ज केस को रद्द कराने की मांग करते हुए युविका ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके बाद उन्होंने स्पेशल कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी लगाई थी, जिसे भी अदालत ने खारिज कर दिया था. बाद में हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देते हुए जांच में शामिल होने का आदेश दिया था.
ये भी पढ़ें-- बेबी प्लानिंग पर बोलीं प्रिंस नरूला की पत्नी युविका चौधरी, 'पैनडेमिक में प्रेग्नेंट होना डरावना लेकिन...
हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को युविका ने हांसी थाने में सरेंडर किया. इस दौरान उनके साथ 10 बाउंसर और उनके पति प्रिंस नरूला भी मौजूद थे. इस मामले में युविका को गिरफ्तार भी किया गया और उनसे पूछताछ भी की गई. बाद में बेल बॉन्ड भरवाकर उन्हें जमानत दे दी गई.
डीसीपी विनोद शंकर ने बताया कि युविका को गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया. उन्होंने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस आगे भी पूछताछ के लिए उन्हें बुला सकती है.
रजत कल्सन ने दलित समाज पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज कराया था. उनके अलावा कल्सन ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा की एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता के खिलाफ भी हांसी थाने में केस दर्ज कराया है.