केरल में जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी अपने सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए.एक दिन पहले ही उन्हें विदाई समारोह के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष से भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. मृतक का नाम नवीन बाबू था, जो कि कन्नूर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) थे. उनको मंगलवार सुबह अपने गृह जिले पथानामथिट्टा में एडीएम के रूप में कार्यभार संभालने जाना था. इससे पहले अपने क्वार्टर में फांसी से फंदे से लटके हुए पाए गए.
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को उनके ट्रांसफर के बाद सहकर्मियों द्वारा विदाई समारोह का आयोजन किया गया था. इसमें जिला कलेक्टर अरुण के विजयन भी मौजूद थे. उनकी मौजूदगी में ही जिला पंचायत अध्यक्ष पी पी दिव्या ने एडीएम नवीन बाबू पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. वो बिना आधिकारिक निमंत्रण के ही कार्यक्रम में शामिल हुई थीं. इसके बाद ही उनका शव संदिग्ध परिस्थिति में पाया गया. जो कि आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा है.
नवीन बाबू की मौत के बाद केरल में विवाद खड़ा हो गया है. विपक्षी दल कांग्रेस पीपी दिव्या के इस्तीफे की मांग कर रही है. दिव्या सत्तारूढ़ माकपा की कन्नूर जिला पंचायत अध्यक्ष हैं. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विदाई समारोह के दौरान दिव्या से बाबू को जो अपमान सहना पड़ा, उसी के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है. उन्होंने दिव्या की गिरफ्तारी की भी मांग की है. केरल के राजस्व मंत्री के राजन ने एडीएम की मौत को दुखद घटना बताया है.
राजस्व मंत्री ने कहा कि इस घटना की गंभीर जांच की जाएगी. नवीन बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं है. दिव्या को अप्रत्यक्ष संदेश देते हुए मंत्री ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों में समाज से जुड़ने के दौरान परिपक्वता और जन जागरूकता होनी चाहिए. पुलिस ने बताया कि उन्हें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस के बयान को खारिज करते हुए युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल अपराधियों को बचाने के लिए सबूत नष्ट किए गए हैं.
नवीन बाबू के रिश्तेदारों ने भी कहा कि नवीन बाबू भ्रष्ट अधिकारी नहीं थे. उनका परिवार वामपंथी पार्टी का अनुयायी था. उनकी मौत का पता तब चला जब उनकी तहसीलदार पत्नी और उनके बच्चे मंगलवार सुबह चेंगन्नूर रेलवे स्टेशन पर उनको लेने गए, लेकिन वो वहां नहीं मिले, तो उन्होंने उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठा. इसके बाद उन्होंने कन्नूर में उनके सहयोगियों से संपर्क किया. तब जाकर उनकी मौत का पता चला.