आगरा ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. हत्या में शामिल बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया. इस ट्रिपल मर्डर के पीछे तीन लाख रुपयों के लेन-देन की बात सामने आई है. रविवार को आगरा में एतमाउद्दौला के फाउंड्री नगर क्षेत्र स्थित नगला किशनलाल में रविवार की रात पति-पत्नी और बेटे की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी और परिवार के तीन सदस्यों के शव सोमवार की सुबह कमरे में जली हालत में मिले थे.
पुलिस का कहना है कि इस ट्रिपल मर्डर केस में शामिल बदमाशों से पुलिस की देर रात मुठभेड़ हुई. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बदमाश एतमाउद्दौला की 80 फुटा रोड से निकलेंगे. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बदमाशों को मोटरसाइकिल से जाते समय रोका लेकिन भागने के प्रयास में बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं और दो बदमाशों के पैरों में गोलियां लगीं. मुठभेड़ में घायल ट्रिपल मर्डर के मास्टरमाइंड सुभाष और वकील को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बदमाशों को पकड़ा
पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि ट्रिपल मर्डर के पीछे तीन लाख रुपयों का मामला है. मृतक बबलू ने ब्याज पर सुभाष को तीन लाख रुपये दिये थे. बबलू अपने रुपयों को वापस मांग रहा था और सुभाष पैसे देने से इनकार कर रहा था. बस इस बात को लेकर बदमाश सुभाष ने अपने साथी वकील के साथ मिलकर हत्या की योजना बना ली.
टेप से हाथ-पैर बांधकर किया था मर्डर
पुलिस ने बताया कि सोमवार रात में मोहल्ले में जागरण चल रहा था. सुभाष ने मौका देखकर बबलू उसके पिता और माता को बारी-बारी से अपने घर बुलाया. टेप से उनके हाथ पैर बांधे और हत्याएं कर दी. तीनों की हत्या करने के बाद लाशों को बारी- बारी से उनके घर ले जाकर रखा और मिट्टी का तेल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया. तीन लोगों की हत्याएं की गई, मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी गई. लेकिन घर के अंदर से किसी की चीख-पुकार या शोर-शराबे की आवाज तक बाहर नहीं आई.