लखनऊ के विभूति खण्ड में अजीत सिंह की हत्या में शामिल एक शूटर की पहचान हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, राजेश तोमर नाम के शूटर की पहचान हुई है. राजेश तोमर, अजित सिंह की हत्या के दौरान घयाल भी हुआ था. राजेश तोमर अलीगढ़ का रहने वाला है और फिलहाल सुनील राठी गैंग के लिए काम कर रहा है.
सुनील राठी वही है, जिसने बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या की थी. राजेश तोमर अब भी फरार है. अजित सिंह की हत्या में शामिल एक बदमाश की फिल्मी अंदाज में दिल्ली में गिरफ्तारी हो चुकी है. दिल्ली में कन्हैया की गिरफ़्तारी की तस्वीरें भी सामने आई हैं जो किसी 'ड्रामे' से कम नहीं हैं.
ऐसे पकड़ा गया था पहला शूटर
जिस वक्त लखनऊ शूटआउट के शूटर को दिल्ली में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया, उस समय आरोपी पिस्टल निकाल कर दिल्ली पुलिस के 2 सिपाहियों को दे रहा है. सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा है. मौके पर 2 सिपाहियों के अलावा कोई पुलिस वाला मौजूद नहीं है. सिर्फ आम लोग हैं. यूपी पुलिस के सूत्र बता रहे हैं कि आरोपी ने प्लान के तहत सरेंडर किया.
तीन शूटर ने की थी हत्या
इससे पहले बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी अजीत सिंह की हत्या की वारदात के बाद जिस लाल डस्टर कार से शूटर अवध बस अड्डे से भागे थे, पुलिस ने उस कार को बरामद किया था. साथ ही हत्याकांड में शामिल एक शूटर भी दबोचा था. इस हमले में तीन हमलावर शामिल थे. गोली क्यों चली, क्या मामला था, इस बात की छानबीन की जा रही है.
तीन दिन की रेकी के बाद घटना
इससे पहले खुलासा हुआ था कि जिन शूटरों ने अजीत सिंह को गोली मारी, उन्होंने तीन दिन तक इसकी रेकी की थी. शूटर तीन दिन पहले ही आजमगढ़ से लखनऊ आए थे, यहां उन्होंने अजीत सिंह की हर मूवमेंट पर नज़र रखी. साथ ही अजीत सिंह के घर, आसपास के इलाकों की रेकी की. पुलिस मामले की जांच कर रही है.