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अंकिता मर्डर केस: पटवारी से SIT की लंबी पूछताछ, हत्या के अगले दिन पुलकित ने की थी मुलाकात

अंकिता भंडारी हत्याकांड में गठित की गई एसआईटी ने शुक्रवार को पटवारी वैभव प्रताप से लंबी पूछताछ की. इससे पहले मुख्यमंत्री के आदेश के बाद वैभव प्रताप को प्रशासन ने अंकिता केस में ढिलाई बरतने के लिए सस्पेंड कर दिया गया था. दरअसल, अंकिता की हत्या के अगले दिन आरोपी पुलकित ने वैभव से मुलाकात की थी.

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अंकिता मर्डर केस में चौथी गिरफ्तारी
अंकिता मर्डर केस में चौथी गिरफ्तारी

अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिस द्वारा बनाई गई एसाईटी ने शुक्रवार को पटवारी वैभव प्रताप से लंबी पूछताछ की. इससे पहले मुख्यमंत्री के आदेश पर गंगा भोगपुर के पटवारी वैभव को प्रशासन ने अंकिता केस में ढिलाई बरतने के लिए सस्पेंड कर दिया था. इस मामले में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो दोस्तों अंकित और सौरभ को एसआईटी रिमांड पर लेकर पहले से पूछताछ कर रही है.

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बता दें कि अंकिता हत्याकांड मामले में जांच के दौरान सामने आया था कि जिस रात अंकिता की हत्या हुई थी उसके अगले दिन सुबह मुख्य आरोपी पुलकित आर्य जाकर पटवारी वैभव प्रताप से मिला था. शुक्रवार को यह अफवाह भी फैली की वैभव को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन यह सूचना गलत निकली.

सूत्रों के मुताबिक 18 सितंबर को अंकिता, पुलकित, सौरभ और अंकित के साथ रिजॉर्ट से तकरीबन 8 बजे निकली थी. 8:30 बजे चिल्ला बैराज से चारों ने बैराज के बैरियर को पार किया था. 9 बजे बैराज से वापस सिर्फ तीन लोग लौटते हुए बैरियर पर दिखाई दिए.

अंकिता का मर्डर 9 बजे से 9:30 बजे के बीच 18 सितंबर को ही हुआ था. 18 सितंबर को अंकिता की लास्ट लोकेशन मौका- ए वारदात पर ही मिली उसके बाद उसका फोन ऑफ हो गया था.

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आरोपी पुलकित आर्य के फोन का लोकेशन भी घटनास्थल ही था. अंकिता के मर्डर के दूसरे दिन 19 सितंबर को सुबह आरोपी पुलकित इलाके के पटवारी वैभव से मिला था. 

ये वही पटवारी है, जिसके पास सबसे पहले अंकिता की गुमशुदगी की शिकायत की गई थी, पटवारी वैभव को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है. 19 सितंबर की सुबह पटवारी से पुलकित की मुलाकात अब जांच के दायरे में है.

बता दें कि अंकिता भंडारी की हत्या को लेकर उत्तराखंड में काफी आक्रोश है और कई संगठनों ने 2 अक्टूबर को उत्तराखंड बंद का ऐलान किया है. लोगों से शाम में अपने घर के बाहर अंकिता की याद में मोमबत्ती जलाने की अपील की गई है.

इससे पहले सीएम धामी ने शुक्रवार को अंकिता के परिजनों से मुलाकात की थी और उन्हें इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया था.

सीएम ने किया है एसआईटी का गठन

इस मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसआईटी जांच के आदेश दिए थे. मुख्यमंत्री ने कहा था, 'राज्य सरकार अंकिता के परिवार के साथ है और उनकी हर प्रकार से सहायता करेगी. सीएम ने लोगों के गुस्से को देखते हुए कहा था कि मामले की एसआईटी जांच की जा रही है. निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी.'

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सीएम धामी ने कहा था, मामले से संबंधित हर तथ्य जुटाते हुए पुख्ता तरीके से रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिले, ये सुनिश्चित किया जाएगा.' सीएम धामी के मुताबिक अपराधियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो आगे के लिए भी नजीर बने.

 

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