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पुलिस की मारपीट से ऑटो चालक की मौत, थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर करने का आरोप

गाजियाबाद पुलिस पर ऑटो ड्राइवर की हत्या का आरोप लगा है. थाने ले जाए गए ऑटो ड्राइवर को गंभीर हालत में उसके भाई ने अस्पताल में भर्ती कराया था. कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई. परिवार के लोगों का आरोप है कि थाने में युवक के साथ मारपीट की गई और उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया.

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विलाप करते धर्मपाल के परिजन.
विलाप करते धर्मपाल के परिजन.

यूपी के गाजियाबाद में ऑटो चालक की मौत के बाद हंगामा हो गया. रविवार की रात साइकिल सवार से ऑटो टकरा गया था. मामला थाने तक पहुंच गया था और पुलिस ऑटो चालक धर्मपाल यादव को पकड़ कर अपने साथ ले गई थी. इसके बाद पुलिस ने उससे मारपीट की.

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ज्यादा पिटाई किए जाने की वजह से धर्मपाल की हालत गंभीर हो गई थी. उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां इलाज के दौरान धर्मपाल की मौत हो गई. मृतक के परिवार वालों और साथी ऑटो चालकों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई है. दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सभी ने जमकर हंगामा किया.

साइकिल सवार से हुई थी टक्कर 

25 साल का धर्मपाल यादव जिला कासगंज के अमापुर थाना क्षेत्र के गांव नंगला बांस का रहने वाला था. वह परिवार सहित गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित कनावनी गांव में रहता था. धर्मपाल वैशाली मेट्रो स्टेशन से रेलवे विहार के बीच ऑटो चलाया करता था.

रविवार रात करीब 10 बजे वह ऑटो लेकर घर लौट रहा था. नीति खंड इलाके में रेलवे विहार कट पर धर्मपाल के ऑटो की साइकिल से टक्कर हो गई. घटना में साइकिल सवार युवक घायल हो गया.

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ऑटो वाले ने खुद ही किया था पुलिस को फोन 

धर्मपाल ने खुद डायल 112 पर फोन कर पुलिस को एक्सीडेंट की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस धर्मपाल को ही पकड़कर कनावनी चौकी पर ले गई. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने यहां उसके साथ जमकर मारपीट की. पुलिस ने उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया. इतना मारा की धर्मपाल की तबीयत बिगड़ गई.

अस्पताल में इलाज के दौरान हुई धर्मपाल की मौत 

रविवार-सोमवार की रात करीब डेढ़ बजे पुलिसकर्मियों ने धर्मपाल के चचेरे भाई मुरारी यादव को फोन करके कहा कि धर्मपाल को थाने से ले जाओ. भाई मुरारी का कहना है कि जब वो चौकी पर पहुंचा, तो धर्मपाल यादव दर्द से कराह रहा था. 

पूछने पर उसने बताया था कि पुलिसकर्मियों ने मारा है. मुरारी अपने भाई धर्मपाल को घर ले जाने की जगह इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गया. करीब दो बजे गंभीर रूप से घायल धर्मपाल की अस्पताल में मौत हो गई.

परिवार और ऑटो चालकों ने किया हंगामा

सोमवार को धर्मपाल के परिवार के लोगों और साथी ऑटो चालकों ने जमकर हंगामा किया. नाराज परिजनों ने कई घंटे तक इंदिरापुरम इलाके में सड़क जाम कर दी. लोगों की मांग थी कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए.

मौके पर पहुचे आला अधिकारियों ने जांच के बाद कार्यवाही का भरोसा देकर किसी तरह परिवार और लोगों को समझा कर वहां से हटाया. तब कहीं जाकर सड़क पर ट्रैफिक जाम खत्म हुआ और वाहनों की आवाजाही शुरू हुई.

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पुलिस ने नकारी पिटाई से मौत की बात

मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की पिटाई से धर्मपाल की मौत होने का आरोप गलत है. पुलिस के मुताबिक ऑटो चालक को सही सलामत उसके भाई के सुपुर्द किया गया था.

एसीपी स्वतंत्र सिंह और डीसीपी दीक्षा शर्मा ने भी मामला में संज्ञान लिया है. डीसीपी ट्रांस हिंडन दीक्षा शर्मा का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है.

अखिलेश यादव ने साधा यूपी पुलिस पर निशाना

धर्मपाल यादव की मौत के मामले में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ''निर्दोषों की हत्या कर रही यूपी पुलि, कानपुर में बलवंत सिंह के बाद अब गाजियाबाद में ऑटो चालक धर्मपाल यादव की पुलिस हिरासत में मौत, बेहद शर्मनाक. दोनों मृतकों की पत्नियों को सरकारी नौकरी और परिजनों को 1-1 करोड़ का मुआवजा दे सरकार.''

 

 

 

 

 

 

 

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