उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पुलिस कस्टडी में एक आर्किटेक्ट की मौत हो गई. इसके बाद मृतक के परिजनों ने शव रखकर रोड जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. सूचना पर एसपी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच का आदेश दिया. एसपी ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया है.
बताया जा रहा है कि 1 दिन पहले ही आर्किटेक्ट पर एक महिला ने रेप का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था. इस मामले में पूछताछ के लिए लाटघाट पुलिस आर्किटेक्ट को साथ लेकर गई थी.
आर्किटेक्ट के परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार शाम 5 बजे अजमतगढ़ पुलिस चौकी के दरोगा आर्किटेक्ट फिरोज के घर पर पहुंचे और फिरोज को पकड़कर ले गए थे. रात में उसके साथ मारपीट की गई, जिससे फिरोज की मौत हो गई.
मृतक आर्किटेक्ट के परिजनों ने यह भी कहा कि मौत के बाद शव को मंदिर के पीछे फेंक दिया गया. स्थानीय लोगों को जब शव देखा तो पहचान लिया.
इसके बाद लोगों ने शव को रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की. घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के लोग मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की.
'महिला ने दर्ज कराया था झूठा केस, उसी मामले में पकड़ ले गई थी पुलिस'
आर्किटेक्ट के परिजनों ने कहा कि एक महिला ने फिरोज पर झूठा आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था, जिसकी पूछताछ के लिए पुलिस आई थी. मामले को रफा-दफा करने के लिए चौकी इंचार्ज रिश्वत मांग रहे थे. जब रिश्वत नहीं दी तो दरोगा ने बेरहमी से मारपीट की, जिससे फिरोज की मौत हो गई.
परिजन ने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि पूरी निष्पक्षता से जांच हो और दोषी दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. इस दौरान एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने कहा कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
जो भी तहरीर प्राप्त होगी, उसके आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी. कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ अभद्रता की गई है, उस सिलसिले में निलंबन किया गया है.