उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सोमवार रात एक बीडीसी सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना जिले के निजामाबाद थाना के तहत आने वाले नेवादा गांव की है. पुलिस के मुताबिक रात में घर लौट रहे बीडीसी सदस्य सुरेंद्र यादव की नेवादा चौक पर गोली मारकर हत्या कर दी गई.
हत्या की घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने भाग चुके अपराधियों की तीन मोटरसाइकिलों में आग लगा दी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है. परिवार वालों ने मौके से घायल अवस्था में पड़े सुरेंद्र यादव को सदर अस्पताल ले जाने का प्रयास किया. लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.
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इस घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. हालात को देखते हुए गांव में बड़े पैमाने पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं. मौके पर पहुंचे आजमगढ़ के डीआईजी सुभाष चंद दुबे ने बताया कि हत्या के पीछे जमीनी और चुनावी रंजिश बताई जा रही है. हत्या के आरोपी भी नेवादा गांव के ही रहने वाले हैं.
हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं. परिवार वालों का कहना है कि आरोपियों ने पहले ही ऐलान किया था कि वो सुरेंद्र यादव उर्फ नाटे को गोली मार देंगे. जैसे ही हम लोग इस बात को लेकर अलर्ट होते देर रात नवादा चौक पर घेरकर उन्हें गोली मार दी गई.
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परिजनों की मांग है कि हत्या करने वाले आरोपियों पर पुलिस कठोर कार्रवाई करे. गांव वालों का कहना है कि जमीनी विवाद पहले से चल रहा था. प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे सुरेंद्र यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गई.
आजमगढ़ के डीआईजी सुभाष चंद दुबे ने बताया कि यह सोमवार रात लगभग 9:00 बजे की बात है. दो पक्षों में पहले लड़ाई-झगड़ा हुआ. फायरिंग हुई जिसमें यह घटना हुई. इसमें बीटीसी सदस्य सुरेंद्र यादव की मौत हो गई. घटना का कारण जमीनी विवाद और वर्चस्व की लड़ाई है. बहुत जल्द ही हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में होंगे. डीआईजी ने बताया, 'हत्या का कारण प्रधानी का चुनाव है. गांव के दुर्गेश तिवारी भी प्रधानी का चुनाव लड़ने जा रहा था. उसका भी हाथ हो सकता है. पहले इन लोगों ने कहा था कि हम नाटे को गोली मार देंगे यह बात आज ही पता चली.'