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बदलापुर कांड: स्कूल अध्यक्ष और सचिव की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज, HC ने पुलिस को लगाई फटकार

महाराष्ट्र के बदलापुर में एक स्कूल दो मासूम बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी से हाई कोर्ट ने पूछा कि वो स्कूल अध्यक्ष और सचिव को अभी तक क्यों नहीं पकड़ पाई है.

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यौन शोषण मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है.
यौन शोषण मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है.

महाराष्ट्र के बदलापुर में एक स्कूल दो मासूम बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी से हाई कोर्ट ने पूछा कि वो स्कूल अध्यक्ष और सचिव को अभी तक क्यों नहीं पकड़ पाई है. इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी. इस मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को तय की गई है.

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जस्टिस आर एन लड्ढा ने कहा कि दोनों आरोपी स्कूल अध्यक्ष और सचिव को 16 अगस्त से पहले वारदात के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने पुलिस या स्थानीय प्राधिकरण को इसकी सूचना देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. ये एक गंभीर अपराध है. दोनों पीड़ित बच्चियां अभी नाबालिग हैं. उन्होंने जिस तरह का आघात सहा है, वो उनके किशोरावस्था पर स्थायी मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाल सकते हैं. 

इससे पहले जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने सवाल उठाया कि पुलिस आमतौर पर किसी भी आरोपी को पकड़ने के लिए किसी भी हद तक जाती है. लेकिन इस मामले में वो आरोपी स्कूल ट्रस्टियों अध्यक्ष और सचिव को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है. इन दोनों पर घटना की सूचना तुरंत पुलिस को न देने और लापरवाही बरतने का आरोप है. इनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज है.

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महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपी अभी फरार हैं. उन्हें पकड़ा नहीं गया है. दोनों ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है. कोर्ट ने कहा, "पुलिस किसी भी आरोपी को पकड़ने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. आखिर वे इन दोनों को क्यों नहीं पकड़ पाए? क्या वे अग्रिम जमानत मिलने का इंतजार कर रहे हैं?" इस पर सराफ ने कहा कि पुलिस दोनों को पकड़ने की कोशिश कर रही है. 

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर कस्बे में एक स्कूल के शौचालय के अंदर चार और पांच साल की दो लड़कियों के साथ एक मेल अटेंडेंट ने यौन शोषण किया था. इस मामले के खुलासे के बाद आरोपी अक्षय शिंदे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. 23 सितंबर को पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया था. महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी जांच कर रही है.

बताते चलें कि बदलापुर यौन शोषण केस के मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे के एनकाउंटर के बाद उसके खिलाफ पुलिस अधिकारी की हत्या की कोशिश की एफआईआर दर्ज की गई. नवी मुंबई की तलोजा जेल से महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर ले जाते समय आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया गया था. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ठाणे में मुंब्रा बाईपास के पास उसका एनकाउंटर किया गया था. 

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उसने एक पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीनी और गोली चलाने लगा. उसी वक्त पुलिसकर्मियों ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई. आरोपी ने एपीआई नीलेश मोरे को गोली मारने के बाद पुलिस एस्कॉर्ट टीम पर गोली चलाई थी. उसे उसकी पूर्व पत्नी की शिकायत पर उसके खिलाफ दर्ज मामले की जांच के लिए पुलिस वाहन में ले जाया जा रहा था. ये उसके खिलाफ दूसरा केस था.

इसी केस की जांच के लिए ठाणे पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई थी. इस टीम के अधिकारियों ने अदालत से ट्रांसफर वारंट मांगा था. इसके आधार पर उसे नए मामले में ट्रांसफर के लिए बदलापुर लाया जा रहा था. इसी बीच ये घटना घटी और पुलिस एनकाउंटर में शिंदे की मौत हो गई. उसकी मौत के बाद बदलापुर में कुछ स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटी, पटाखे फोड़े और जमकर जश्न मनाया था.

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