बलरामपुर गैंगरेप की शिकार छात्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उसके शरीर पर चोट के 10 निशान पाए गए हैं. हाथरस की घटना सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के ही बलरामपुर में एक दलित लड़की के साथ गैंगरेप और हत्या का मामला सामने आया. पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने पीड़िता का दाह संस्कार कर दिया था.
पीड़ित छात्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई है जिसमें उसके शरीर पर चोट के 10 निशान पाए गए हैं. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ की गई दरिंदगी का खुलासा हुआ है. छात्रा के गाल, छाती, जांघों, कोहनी और घुटने पर चोट के निशान पाए गए हैं.
पीड़िता के परिजन पुलिस से खफा
दूसरी ओर, पीड़िता के परिवार वाले पुलिस प्रशासन से खासे नाराज हैं. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. पीड़ित परिजनों का आरोप है कि इस वीभत्स घटना को अंजाम देने वाले दो नहीं बल्कि और भी लोग हैं. पुलिस अन्य आरोपियों को भी तत्काल गिरफ्तार करे. अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो लोग खुद न्याय करेंगे.
परिजनों ने धमकी देते हुए कहा कि जिस घर से लड़की बरामद हुई थी, उस घर को आग लगा देंगे और खुद न्याय करेंगे. पीड़ित परिवार के लोग बेहद गुस्से में हैं. हालांकि पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए दो नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया था.
घटना पिछले बुधवार की है. ऐसा आरोप लगा कि दो लड़कों ने दोस्ती के बहाने दलित युवती को बुलाया और उसके साथ गैंगरेप किया. इसके बाद दोनों आरोपियों ने लड़की को गंभीर हालत में एक रिक्शे पर बैठाकर उसके घर भेज दिया था, जहां उसकी मौत हो गई. परिजनों की शिकायत पर वाद दर्ज कर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था.
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी गैंसड़ी के रहने वाले थे. बलरामपुर पुलिस ने दावा किया कि इस प्रकरण में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का कहना था कि इस मामले में पीड़िता के हाथ-पैर या कमर तोड़ जाने वाली कोई बात मेडिकल और पोस्टमॉर्टम में सामने नहीं आई है. इस तरह के आरोप बेबुनियाद हैं.