बेंगलुरु के बहुचर्चित रेणुकास्वामी मर्डर केस में जेल की सजा काट रहे कन्नड़ एक्टर दर्शन थुगुदीपा और उनकी महिला मित्र पवित्रा गौड़ा सहित सभी 17 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है. सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 24वें अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया. उनकी न्यायिक हिरासत आज समाप्त हो रही थी.
पुलिस ने मामले से संबंधित कुछ तकनीकी साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए. इस मामले में 4 सितंबर को अदालत में 3991 पेज का प्रारंभिक आरोप पत्र पेश किया गया था. 47 वर्षीय दर्शन वर्तमान में बेल्लारी जेल में बंद हैं. जेल के लॉन में एक गैंगस्टर सहित तीन अन्य लोगों के साथ उनकी एक तस्वीर वायरल होने के बाद, उन्हें अदालत की अनुमति से परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल से शिफ्ट किया गया था.
अदालत ने हत्या के मामले में अन्य सह-आरोपियों को राज्य की विभिन्न जेलों में स्थानांतरित करने की भी अनुमति दी थी. इसमें पवन, राघवेंद्र और नंदीश को मैसूर, जगदीश और लक्ष्मण को शिवमोग्गा, धनराज को धारवाड़, विनय को विजयपुरा, नागराज को गुलबर्गा और प्रदोष को बेलगावी जेल में रखा गया है. तीन अन्य आरोपी पवित्रा गौड़ा, अनुकुमार और दीपक को परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में ही रखा गया है.
बताते चलें कि बेंगलुरु पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में कई बड़े खुलासे किए गए हैं. इसमें बताया गया है कि कन्नड एक्टर दर्शन और उनके साथियों ने रेणुकास्वामी के साथ बहुत बर्बरता की थी. चार्जशीट के पेज 174 और 175 पर लिखा गया है कि दर्शन ने रेणुकास्वामी के प्राइवेट पार्ट पर बहुत तेज लात मारी थी. इतना ही ही नहीं उन्होंने उसके सिर और छाती पर भी जोरदार हमला किया था.
चार्जशीट के मुताबिक, रेणुकास्वामी को पट्टनगेरे के एक शेड में रखा गया था. वारदात वाले दिन शाम 4.30 बजे पवित्रा गौड़ा, विनय और प्रदोष स्कॉर्पियो कार में वहां गए थे. इसके बाद एक्टर दर्शन भी वहां पहुंचे. उससे पहले पीड़ित की अन्य आरोपियों ने खूब पिटाई की थी. वहां जाते ही दर्शन ने रेणुकास्वामी का मोबाइल चेक किया. उसमें अश्लील तस्वीरें देखने के बाद उस पर लातों की बरसात कर दी.
दर्शन की मार की वजह से पीड़ित जमीन पर गिर गया. इसके बाद एक्टर ने अपना एक पैर उसकी छाती पर रखा और जोर से धक्का दिया. फिर उसके सिर के बाएं हिस्से पर अपने जूते से जोर से मारा. इस हमले से उसके बाएं कान पर गंभीर चोटें आईं. इतने से भी मन नहीं भरा तो दर्शन ने दूसरे आरोपी पवन को रेणुकास्वामी की पैंट उतारने का निर्देश दिया. फिर उसके प्राइवेट पार्ट पर अपने जूते से जोरदार प्रहार किया.
पुलिस पूछताछ में दर्शन ने बताया था, "मैं पवित्रा गौड़ा के साथ 10 साल से लिव-इन रिलेशनशिप में हूं. वो मेरे आरआर नगर के घर से 1.5 किलोमीटर दूर रहती हैं. मुझे 8 जून को दोपहर 3 बजे अपहरण के बारे में पता चला, जब मैं स्टोनी ब्रूक में था. पवन मेरे और पवित्रा के घर पर काम करता है. उसने बताया कि रेणुकास्वामी को पट्टनगेरे के एक शेड में रखा गया है. मेरे वहां पहुंचने से पहले ही उस पर हमला हो चुका था."
दर्शन ने आगे बताया था, "जब मैंने उससे पूछा कि क्या उसने अश्लील संदेश भेजे थे, तो उसने स्वीकार कर लिया. इसके बाद मैंने उसके सिर, गर्दन और छाती पर ज़ोर से लात मारी. उस पर हमला करने के लिए एक पेड़ की टहनी और अपने हाथों का इस्तेमाल किया. कार से पवित्रा गौड़ा को बुलाया और उसे अपनी चप्पलों से उसे मारने को कहा. रेणुका को पवित्रा के पैरों पर गिरकर माफी मांगने का निर्देश दिया, तो उसने ऐसा किया."