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समस्तीपुर: AI इंजीनियर अतुल सुभाष के पैतृक गांव में भी पसरा शोक, सदमे में डूबे पर‍िवार को ढांढस बंधा रहे लोग

बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष ने पारिवारिक विवाद और दहेज उत्पीड़न के केस से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. 24 पन्नों के सुसाइड नोट और वीडियो में उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त की. इस घटना की वजह से अतुल के समस्तीपुर स्थित घर में मातम पसर गया.

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अतुल सुभाष (फाइल- फोटो)
अतुल सुभाष (फाइल- फोटो)

बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले 35 वर्षीय इंजीनियर अतुल सुभाष ने पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद उनके समस्तीपुर (बिहार) स्थित पैतृक गांव पूसा वैनी में शोक का माहौल है.

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बताया जा रहा है कि अतुल की शादी 2019 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए निकिता से हुई थी. लेकिन शादी के एक साल बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया. आरोप है कि निकिता के परिवार ने अतुल से 15-17 लाख रुपये मकान खरीदने के नाम पर लिए, जो वापस नहीं लौटाए. इसके बाद निकिता ने अतुल पर दहेज उत्पीड़न सहित कई केस दर्ज कराए.

अतुल ने अपने बच्चे के पालन-पोषण के लिए हर महीने 40,000 रुपये दिए, लेकिन उन्हें अपने बच्चे से मिलने नहीं दिया गया. इस बीच पति-पत्नी के विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत भी हुई, जिसमें निकिता ने शादी में खर्च हुए 22 लाख रुपये लौटाने पर अलग होने की बात कही, लेकिन सहमति नहीं बन पाई.

सुसाइड से पहले लिखा 24 पन्नों का नोट

सुसाइड से पहले अतुल ने 24 पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी की तकलीफों और मानसिक स्थिति को बयां किया. उनका परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है.

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अतुल के चचेरे भाई बजरंग अग्रवाल ने बताया कि इन केसों और विवादों के चलते अतुल मानसिक रूप से बेहद परेशान था. यह घटना समाज में वैवाहिक संबंधों और आपसी समझ के महत्व को लेकर कई सवाल खड़े करती है. 

साल 2021 में हुआ था दोनों के बीच विवाद सुलझाने का प्रयास

इसके अलावा बजरंग अग्रवाल ने बताया कि दोनों के विवाद को सुलझाने के लिए अपने चाचा पवन मोदी से बात की. जिसके बाद दोनों परिवार विवाद को सुलझाने के लिए तैयार हो गए. साल 2021 में समस्तीपुर जिले के पंजाबी कॉलोनी स्थित आवास पर निकिता अपने छोटे बच्चे को लेकर परिजनों के साथ पहुंची थी. वहीं अतुल की तरफ से उनके पिता रिश्तेदार भी पहुंचे थे.

पंकज ज्योति के अनुसार घंटो चले मध्यस्थता के बाद पहला प्रयास किया गया था कि दोनों का घर बस जाए और सारे विवादों को भूल अतुल और निकिता साथ रहने लगें. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. क्योंकि दोनों के बीच विवाद की खाई काफी गहरी हो चुकी थी. इस बीच अतुल अपने पापा से मोबाइल पर लगातार संपर्क में था और बार बार एक ही बात कह रहा था कि उन लोगों पर भरोसा मत करिएगा जो भी डिसीजन लेना है सोंच समझकर लीजिएगा. अंत मे यह नतीजा निकला कि अतुल और निकिता दोनों अलग होने का फैसला कर लिया.

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