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'वो बार-बार बिकती रही और दरिंदे उसका जिस्म नोचते रहे', झकझोर देेगी इस बेबस लड़की की कहानी

Bihar News: एक पिता की 16 साल की बेटी अचानक गायब हो गई थी. पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया. फिर बेबस पिता ही बेटी की तलाश में निकला. आखिरकार एक दिन कॉल आया...

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आरोपी संजय सिंह पटेल को जेल भेज दिया गया है.
आरोपी संजय सिंह पटेल को जेल भेज दिया गया है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नेपाल के रेड लाइट एरिया में बेच दी गई थी किशोरी
  • बिहार के एक युवक की मदद से यूपी पहुंची पीड़िता

बिहार से गाहे-बगाहे मानव तस्करी के जाल में फंसी युवतियों की कहानी सामने आती रहती है. दरिंदे उनका बार-बार सौदा करते हैं और वो बार-बार एक हाथ से दूसरे हाथ बिकती रहती हैं. इनमें से कुछ ही तस्करों के चंगुल से खुद को बचा पाती हैं. गोपालगंज जिले से एक ऐसी ही चौंका देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें आरोपी ने किशोरी को नौकरी का झांसा दिया और उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी. 

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सबसे पहले उम्र में बड़े शख्स ने किशोरी का यौन शोषण किया. उसके बाद पीड़िता को अपने जानने वालों के साथ हमबिस्तर होने के लिए मजबूर किया. जब किशोरी से मन भर गया, तो उसे 50 हजार रुपए में उत्तर प्रदेश के मानव तस्कर के हाथों बेच दिया. वहां से पीड़ित किशोरी नेपाल के रेड लाइट एरिया में जा पहुंची. जहां वो करीब सात महीने तक दुष्कर्म का शिकार हुई.

आखिरकार पीड़िता जैसे-तैसे यूपी पुलिस की मदद से अब जाकर घर पहुंची है. वहीं, पुलिस ने मामले में विशंभरपुर थाना इलाके के बलिवन सागर के रहने वाले आरोपी भुवनेश्वरी साह के पुत्र संजय पटेल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है.

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भारत-नेपाल बॉर्डर पर मानव तस्‍करी का जाल

बिहार से सटी भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करों का जाल फैला हुआ है. वो बिहार के विभिन्न जिलों की गरीब लड़कियों को टारगेट करते हैं और नौकरी दिलाने के नाम पर उनका शोषण करते हैं. साथ ही उनकी खरीद-बिक्री करते हैं. पीड़ित किशोरी के पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 7 जुलाई 2021 को उनकी 16 साल की बेटी अचानक गायब हो गई. उसके बाद उन्होंने संबंधित थाने में मामला दर्ज कराना चाहा. जहां पुलिस ने प्राथमिकी लिखने से इनकार कर दिया. पीड़ित के पिता परिवार  के बदनामी के डर से पुलिस में दोबारा जाने की जगह खुद ही किशोरी की खोजबीन करते रहे.

यूपी से जुड़ा ट्रैफिकिंग का कनेक्शन

अभी पीड़ित के पिता अपनी बेटी की तलाश ही कर रहे थे कि इसी बीच 19 जनवरी को यूपी के गोरखपुर चाइल्ड केयर से उन्‍हें सूचना मिली कि आपकी बेटी जिले के सेंटर में है. आनन-फानन में पिता ने गोरखपुर पहुंचकर अपनी बेटी से मुलाकात की. पिता अपनी बेटी को साथ लेकर गोपालगंज पहुंचे. किशोरी ने अपने पिता को पूरी कहानी सुनाई और फूट-फूट कर रोने लगी. किशोरी ने बताया कि बलिवन सागर गांव के रहने वाले संजय पटेल ने नौकरी का झांसा देकर बहला फुसलाकर उसे अपने साथ कई दिनों तक यूपी में रखा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा.

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यूपी में किशोरी को बेचा

पीड़िता ने बताया कि संजय पटेल ने यूपी के कुशीनगर के रहने वाले शिवशंकर यादव नाम के हाथों उसे 50 हजार में बेच दिया. उसके बाद शिव शंकर यादव और संजय पटेल दोनों ने मिलकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया. दिन रात बंधक बनाकर उसका यौन शोषण करते रहे. उसके बाद किशोरी को कार में डालकर रक्सौल बॉर्डर पर ले जाया गया. उसके बाद दोनों आरोपियों ने नेपाल के एक रेड लाइट एरिया के दबंग को पीड़िता को बेच दिया. उसके बाद उसी रेड लाइट एरिया में उसकी सौदेबाजी चलने लगी. 

ऐसे निकली रेड लाइट एरिया से

इसी बीच, एक दिन किशोरी को रक्सौल का रहने वाला एक युवक मिला. उसने युवक से किराये के पैसे की मांग की और किसी तरह रेड लाइट एरिया से भागकर ट्रेन से बेतिया आ गई. बेतिया से गोरखपुर पहुंची और रेल पुलिस को सूचना दी. रेल पुलिस ने युवती को गोरखपुर चाइल्ड केयर के हवाले कर दिया. पूरे कांड का एक और मुख्य आरोपी शिवशंकर यादव अभी भी फरार बताया जा रहा है.

क्या कहती है पुलिस

गोपालगंज के सदर एसडीपीओ संजीव कुमार के मुताबिक, पीड़ित किशोरी के बयान के आधार पर पॉक्सो एक्ट और मानव तस्करी के साथ नौकरी का झांसा देकर यौन शोषण का मामला दर्ज कर लिया गया है. आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर संजय सिंह पटेल को जेल भेजा जा रहा है. एसडीपीओ के मुताबिक, इस पूरे कांड के आरोपियों को स्पीडी ट्रायल कराकर सजा दिलाई जाएगी. एसडीपीओ ने कहा कि फरार आरोपी शिव शंकर यादव की गिरफ्तारी के लिए यूपी में भी छापेमारी की जा रही है. बहुत जल्द उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा.

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