बिहार के जमुई में घात लगाकर बैठे गुंडो ने एक पत्रकार पर दिन-दहाड़े गोलियां बरसाईं. जिले के सिमुलतला थाना इलाके के गोपालामारन गांव में हुई इस घटना में एक हिंदी दैनिक के पत्रकार को गोलियों से छलनी कर दिया. इलाज के दौरान उसकी जमुई के सदर अस्पताल में मौत हो गई.
हमलावर बुधवार सुबह से ही घात लगाकर पत्रकार का इंतजार कर रहे थे. पांच हथियारबंद अपराधियों ने गोपालामारन गांव के पास पत्रकार पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया और उसे गोलियों से छलनी कर दिया. अपराधियों ने पत्रकार गोकुल कुमार को बहुत नजदीक से तीन गोलियां दागीं. इस घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैली और इलाके में हड़कंप मच गया.
अपराधियों ने पत्रकार गोकुल कुमार को एक गोली उसके कनपटी में, दूसरी सीने में और तीसरी गोली उसके पीठ में मारी. घटना की सूचना पर उसके परिवार वाले और सिमुलतला थानाध्यक्ष पूरे दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घायल पत्रकार को आनन-फानन में बेहतर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लाया गया. यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतक के पिता नागेन्द्र यादव ने कहा कि पंचायत चुनाव की रंजिश के कारण उसकी हत्या की गई है. पत्रकार गोकुल कुमार ने इस बार संपन्न हुए पंचायत चुनाव में अपनी पत्नी को मुखिया पद के लिए प्रत्याशी बनाया था जो विरोधी खेमे को नागवार गुजरा और इस घटना को अंजाम दिया.
वहीं इस मामले में सिमुलतला के थानाअध्यक्ष विद्यानंद कुमार ने बताया कि खबर मिलते ही वो घटनास्थल पर पहुंचे और आनन-फानन में बेहतर इलाज के लिए पत्रकार को सदर अस्पताल ले जाया गया. वहां पत्रकार गोकुल कुमार की मौत हो गई. उन्होंने कहा कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और परिजनों ने जिन लोगों पर आशंका जतायी है, उनकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी जारी है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल से कई खोखे बरमाद किए गए हैं. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सघन जांच की जा रही है. जमुई जिला में पत्रकार की हत्या की यह पहली वारदात है.