बिहार के मुंगेर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान जमकर बवाल हुआ है. खबर है कि विसर्जन के दौरान गोली चली, जिसमें पांच स्थानीय लोग घायल हो गए, जबकि एक शख्स की मौत हो गई. मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया. वहीं, पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर पथराव किया और फायरिंग की. इस बवाल में 17 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.
दरअसल, चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन ने पूजा समितियों को निर्देश दिया था कि वे 26 अक्टूबर की शाम तक विसर्जन कर ले. शहर के पंडित दीन दयाल चौक के पास शंकरपुर की प्रतिमा को विसर्जन के लिए पुलिस द्वारा कहा गया, जिसको लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों में कहासुनी हुई. इतने में गोली चलने की आवाज सुनाई दी.
इस फायरिंग में 18 वर्षीय अनुराग कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. इस गोलीबारी में पांच अन्य लोग भी घायल हो, जिनका इलाज मुंगेर के सदर अस्पताल में चल रहा. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की फायरिंग में युवक की मौत हुई है. बहरहाल घटना के बाद दीन दयाल चौक और आसपास के इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है.
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मुंगेर के डीएम राजेश मीणा ने बताया कि दुर्गा पूजा के विसर्जन के समय कुछ शरारती तत्वों के द्वारा रोड़े बाजी की घटना हुई. साथ ही साथ पुलिस पर फायरिंग की भी घटना हुई. इसकी वजह से अनेक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और एक व्यक्ति की मौत हुई है. बताया जा रहा है कि भीड़ के हमले में संग्रामपुर थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार, कोतवाली थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, कासिम बाजार थानाध्यक्ष शैलेश कुमार समेत 17 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं.
वहीं, एसपी लिपि सिंह ने कहा कि इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हैं और कुछ की हालत गंभीर है. भीड़ की तरफ से फायरिंग हुई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, पूरे शहर में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है. स्थिति नियंत्रण में है और हम लोगों से अपील कर रहे हैं कि किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें.
पुलिस की ओर से 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि घटनास्थल से पुलिस को तीन देसी कट्टे और 12 खोखे मिले हैं. पुलिस का कहना है कि असामाजिक तत्वों की ओर से 12 राउंड की फायरिंग की गई थी.