एटीएम में रुपए डालने के बदले करोड़ों का गबन करने वाले कर्मियों के गिरोह का समस्तीपुर में खुलासा हुआ है. इसमें शामिल आउटसोर्सिंग कंपनी के तीन कर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से पुलिस ने गबन के 3 लाख 37 हजार रुपए, सोने का आभूषण, 11 ATM कार्ड, 9 चेक बुक, 2 मोबाइल बरामद किए हैं.
ATM में कैश डालने के बहाने करोड़ों का गबन
बता दें कि समस्तीपुर जिले में आउटसोर्सिंग कंपनी में काम करने वाले कुछ कर्मी जल्द अमीर बनने के सपने देखने लगे थे. इसी के मद्देनजर इन लोगों ने एक प्लान तैयार किया. प्लान के मुताबिक जब भी इनको एटीएम में 15 लाख रुपए डालने को मिलते थे, तब ये कर्मी एटीएम में 5 लाख रुपए डालकर बाकी बचे रुपयों को बाजार में सूद पर लगा दिया करते थे. इस तरह से ये खेल छह महीनों तक बड़े आसानी से चलता रहा. लेकिन इन कर्मियों की उल्टी गिनती उस समय शुरू हो गई जब आउटसोर्सिंग कंपनी ने ऑडिट शुरू कर दिया.
उस ऑडिट में सामने आया कि कैश लेकर जिन तीन कर्मचारियों को एटीएम में रुपए डालने भेजा जाता था उन्होंने कभी भी पूरा पैसा जमा करवाया ही नहीं. वहीं ऑडिट के दौरान जमा और निकासी में काफी अंतर पाया गया. इसके बाद कैश मैनेजमेंट सिस्टम बेगूसराय के शाखा प्रबंधक राजेश कुमार ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ समस्तीपुर के नगर थाने में एक एफआईआर दर्ज कराते हुए 2 करोड़ 70 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाया.
पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार
जांच का दायरा जब आगे बढ़ा तो इस कांड का मास्टर माइंड फरार हो गया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया. उसके निशानदेही पर एटीएम कांड में दो अन्य आरोपी कर्मियों की भी गिरफ्तारी करने में पुलिस को सफलता मिल गई. सदर डीएसपी प्रीतिश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार कर्मियों ने पूछताछ में कहा कि गबन किए गए रुपयों में से 9 लाख 35 हजार रुपए बाजार में सूद पर लगा दिए गए थे. वहीं 70 लाख रुपए से पत्नी के नाम पर जमीन की खरीदारी की गई. 30 लाख रुपए कैंसर पीड़ित पिता के इलाज में खर्च किए. पांच लाख रुपए आरोपी ने अपने खुद के इलाज पर खर्च किए.
पुलिस जांच को आगे बढ़ाते हुए ये पता लगाने में जुटी है कि कहीं इसमें और बड़ी मछलियां तो शामिल नहीं हैं. पुलिस को शक है कि सिर्फ तीन कर्मचारी इतने पैसों का यूं गबन नहीं कर सकते हैं, ऐसे में आने वाले दिनों में जांच का दायरा और ज्यादा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.