दिल्ली पुलिस ने डेटिंग ऐप के जरिए महिलाओं को ब्लैकमेल करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है. यह खुद को कभी 2010 बैच का IPS ऑफिसर बताया, तो कभी सीबीआई ऑफिसर और कभी एटीएस ऑफिसर बताकर महिलाओं से ठगी करता था.
एक महिला की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने मयंक कपूर नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. वह दिल्ली का रहने वाला है. उसकी उम्र 38 साल बताई जा रही है. वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को अपना निशाना बनाता था. महिलाओं को फंसाने के लिए वह अपनी इनकम 50 से 70 लाख रुपए सालाना बताता था.
अश्लील तस्वीरें वायरल करने की देता था धमकी
एक महिला ने 28 अक्टूबर को रोहिणी के साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़ित महिला के शिकायत के अनुसार, "मयंक कपूर नाम का युवक एक ऑनलाइन एप से संपर्क में आया था. उसने अपनी सैलरी 50 से 70 लाख बताई थी. वह खुद को सीबीआई अधिकारी बताता था. धी-धीरे दोनों में बातचीत शुरू हो गई."
महिला ने आगे बताया, "इसी तरह मयंक ने विश्वास जीत लिया और उससे डेढ़ लाख रुपए अलग-अलग हिस्सों में ले लिए. धीरे-धीरे दूरियां बनाने लगा. फिर नंबर ब्लॉक कर दिया. इतना ही नहीं मंयक ने सोशल मीडिया पर अश्लील तस्वीरें वायरल कर देने की धमकी देने लगा. कुछ फोटोग्राफ अपलोड भी कर दिए."
महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी. पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से जानकारी मिली कि आरोपी रोहिणी सेक्टर-15 में कहीं छुपा है. इसके बाद छापेमारी कर रोहिणी से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.
आरोपी ने किया खुलासा कैसे फंसाने लगा महिलाओं को
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा करते हुए बताया, "उसकी शादी 2013 में हुई थी. मगर, साल 2017 में उसकी पत्नी ने ही उसके ऊपर यौन शोषण का केस दर्ज करा दिया और दोनों में तलाक हो गया. इसके बाद उसने महिलाओं को निशाना बनाने का ठान लिया.
उसने पहली बार 2019 में कई ऐप पर अलग-अलग प्रोफाइल बनाए. मंयक ने बताया, "मैंने खुद को 2010 बैच का IPS ऑफिसर बताकर कई महिलाओं से ठगी की. मैं 10वीं पास लड़कियों की फोटो हासिल कर उनको ब्लैकमेल करता था."
आरोपी मयंक के खिलाफ मुंबई के मुलुंड में भी ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज हुआ था. इसमें गिरफ्तारी भी हुई थी. जेल से छूटने के बाद वह दोबारा फिर इसी काम में जुट गया.