scorecardresearch
 

कर्ज में डूबे कारोबारी ने जहर खा दी जान, 10 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज वसूलते थे फाइनेंसर

घी का कारोबार करते-करते एक शख्स कर्ज के दलदल में ऐसा फंसा क‍ि उसे जान देकर अपनी कीमत चुकानी पड़ी. 10 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज देने के बाद भी उसे जान से मारने की धमकी म‍िलती थी. धमकी देने वालो में खुद पुल‍िस के दो थानाध‍िकारी शाम‍िल थे.

Advertisement
X
Representative image
Representative image
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फाइनेंसरों से तंग आ कर कारोबारी ने क‍िया सुसाइड
  • चार दिन बाद मिले सुसाइड नोट से खुला भेद
  • 10 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज वसूलते थे फाइनेंसर

हर‍ियाणा के गोहाना में कर्ज में डूबे व्यक्ति ने जहर खाकर जान दे कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मृतक से फाइनेंसर उससे 10 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज वसूलते थे. उसने फाइनेंसरों को रुपये लौटाए लेकिन ब्याज पर ब्याज लगा दिया. फाइनेंसर उसे कर्ज से उभरने नहीं दे रहे थे और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगे.

Advertisement

व्यवसायी के मरने के चार दिन बाद सुसाइड नोट मिला जिससे मामले का भेद खुला. गोहाना शहर थाना में दो पुलिस अधिकारियों समेत नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया. नौ आरोपी फाइनेंसरों में से दो हरियाणा पुलिस के थानेदार शामिल हैं. पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
 
गांव बड़ौता के रणबीर, गोहाना के मुख्य बाजार में जैन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के निकट देशी घी तैयार करने का कारोबार करते थे. उन्होंने 25 अक्टूबर की सुबह दुकान पर आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया था. रणबीर को गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल के अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया.

चार द‍िन बाद म‍िला सुसाइड नोट 

तब परिजनों के बयान पर पुलिस ने सामान्य कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर पोस्टमॉर्टम करवाकर शव उनको सौंप दिया था. शुक्रवार को परिजनों को घर पर रणबीर के दस्तावेजों की जांच कर रहे थे, जिसमें रणबीर द्वारा लिखा सुसाइड नोट मिला. इस पर मामले में नया मोड़ आया.

Advertisement

सुसाइड नोट लेकर रणबीर की पत्नी संतोष पुलिस के पास पहुंची. संतोष की शिकायत पर सुसाइड नोट के आधार पर दो पुलिस अधिकारियों समेत नौ के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया गया. आरोपितों में जयभगवान व बलराज पुलिस विभाग में उप निरीक्षक हैं. जयभगवान बहादुरगढ़ और बलराज गोहाना में नियुक्त है. इनके साथ आरोपित सुमेर जैन, सतीश, संदीप गामड़ी, मास्टर वजीर, संदीप और मास्टर हैं.  

सुसाइड नोट में ल‍िखा- मैंने घर वालों को कर्ज में दबा दिया

सुसाइड नोट में लिखा था क‍ि मैं रणबीर पुत्र चतर सिंह गांव बड़ौता का रहने वाला हूं. फाइनेंसर से दुखी हूं, इसलिए मैं मरने को मजबूर हो गया हूं. फाइनेंसर मुझे व मेरे बच्चों को मारने की धमकी दे रहे हैं. मैं इनसे बहुत दुखी हूं, इसलिए मरने जा रहा हूं. मैंने इनको जिंदगीभर की कमाई दे दी लेकिन ये लोग मुझे मारने की कह रहे हैं. 10 रुपये सैकड़ा ब्याज लगा रहे हैं. मेरा कोई गारंटर नहीं है. अपने आप पैसे दिए हैं. मैं हाथ जोड़ कर प्रार्थना करता हूं मेरे परिवार की रक्षा करना. मेरे घर जाकर देखा कुछ नहीं बचा है. मैंने घर वालों को कर्ज में दबा दिया. दूसरे पेज पर आरोपितों के नाम व मोबाइल नंबर लिखे हैं.

Advertisement

उसकी बेटी संजू ने बताया कि उनके पिता रणबीर ने घरवालों को यह कभी नहीं बताया कि उन्होंने किस-किस से कितना कर्ज ले रखा है. रणबीर ने पत्नी संतोष को फाइनेंसरों की प्रताड़ना के बारे में कई बार जरूर बताया. परिवार वाले परेशान न हो, इसलिए कितना कर्ज है, इस बारे में कुछ नहीं बताया.

थाना गोहाना के जांच अध‍िकारी वेदपाल ने बताया क‍ि रणबीर की पत्नी संतोष ने सुसाइड नोट पेश किया. इसके बाद संतोष की शिकायत पर नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. परिजनों यह नहीं बता पा रहे हैं कि किससे कितने रुपये लिए थे. आरोपितों से पूछताछ की जाएगी. इस मामले में नौ फाइनेंसरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जिमसें दो हरियाणा पुलिस के थानेदार भी शामिल हैं.  

इनपुट-गोहाना से सुरेंदर स‍िंह की र‍िपोर्ट 


 

Advertisement
Advertisement