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13 साल पुराने बैंक फ्रॉड केस में CBI को बड़ी कामयाबी, 2 आरोपी गिरफ्तार

केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने अंकुर अग्रवाल और वीना अग्रवाल को दिल्ली से गिरफ्तार किया, जो 14 नवंबर 2008 को सीबीआई द्वारा दर्ज बैंक धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे थे.

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सांकेतिक तस्वीर (रॉयटर्स)
सांकेतिक तस्वीर (रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2008 में 14 नवंबर को दर्ज किया गया था फ्रॉड केस
  • 2009 में कोर्ट में दाखिल गई थी मामले की चार्जशीट
  • जाली दस्तावेज से बैंक को 6.28 करोड़ का चूना लगाया

केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को करीब 13 साल पुराने करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों का कहना है कि सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से फरार चल रहे 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. 

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केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने अंकुर अग्रवाल और वीना अग्रवाल को दिल्ली से गिरफ्तार किया, जो 14 नवंबर 2008 को सीबीआई द्वारा दर्ज बैंक धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे थे.

अंकुर और वीणा अग्रवाल ने जाली दस्तावेज जमा करके पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी की थी जिसकी वजह से बैंक को 6.28 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.

जांच के बाद, सीबीआई की ओर से 30 अक्टूबर, 2009 को दिल्ली की एक अदालत के समक्ष चार्जशीट दाखिल की गई और अंकुर और वीणा के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए.

सीबीआई के प्रवक्ता आरसी जोशी ने कहा कि कड़ी कोशिशों के बाद सीबीआई ने आरोपियों का पता लगा लिया और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया.

 

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