कर्नाटक पुलिस सेक्स स्कैंडल मामले में आरोपी हसन सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर शिकंजा कसने की तैयारी है. मामले की जांच कर रही एसआईटी ने राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय को बताया कि वह सीबीआई द्वारा आरोपी के खिलाफ देश छोड़ने के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की संभावनाएं हैं.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कार्यालय ने शनिवार को कहा कि प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल की जांच कर रही एसआईटी टीम ने सीएम को बताया कि हसन सांसद के खिलाफ सीबीआई द्वारा ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की संभावनाएं हैं. सीएम ने एसआईटी के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी, जिसके दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि प्रज्वल रेवन्ना को गिरफ्तार के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए.
नोटिस से जांच में आएगी तेजी
सीएमओ से जारी एक बयान के अनुसार अधिकारियों ने मुख्यमंत्री ने बताया, हम उचित उपायों के साथ गिरफ्तारी के लिए आगे बढ़ेंगे. सीबीआई द्वारा ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की संभावना है. इससे जांच में तेजी आएगी. एसआईटी ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही उन्हें हवाई अड्डे से सूचना मिलेगी. वे आरोपियों को गिरफ्तार कर वापस ले आएंगे.
लापरवाही और देरी नहीं होगी बर्दाश्त: CM
सीएमओ ने बयान में कहा कि बैठक में मुख्यमंत्री को एसआईटी अधिकारियों ने मामले में अब तक हुए पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी है. अधिकारियों ने सीएम को समझाया कि मामले में मुख्य आरोपी प्रज्वल रेवन्ना फरार हैं और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर तलाश की जा रही है.
वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि प्रज्वल रेवन्ना को गिरफ्तार करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए. मामले में शामिल लोगों के खिलाफ निर्णायक और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस मामले में लापरवाही और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
CBI से किया अनुरोध
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने भारत में इंटरपोल मामलों की नोडल संस्था सीबीआई को से अनुरोध कर प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की है. सीबीआई द्वारा नोटिस जारी करने के बाद एसआईटी को प्रज्वल रेवन्ना के ठिकाने के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है.
क्यों जारी होता है ब्लू कॉर्नर नोटिस
किसी अपराधी के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस इंटरपोल के जरिए जारी कराया जाता है. यह नोटिस किसी भी वारदात से संबंधित व्यक्ति की पहचान, स्थान या उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए जारी कराया जाता है. इसके लिए किसी देश के सबसे बड़ी एजेंसी इंटरपोल से अनुरोध करती है. भारत में स्थानीय जांच एजेंसियों की पहल पर सीबीआई इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर या रेड कॉर्नर नोटिस करने के लिए अनुरोध करती है.
प्रज्वल रेवन्ना हासन से भाजपा-जद (एस) गठबंधन के उम्मीदवार थे, जहां 26 अप्रैल को मतदान हुआ था. इस इलाके में मतदान कुछ दिन पहले कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें प्रज्वल महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न करते हुए नजर आ रहे थे. इसके बाद राज्य की कांग्रेस सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया था.
बताया जाता है कि कर्नाटक में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को प्रज्वल रेवन्ना विदेश चले गए थे. उनके वकील ने एसआईटी के सामने पेश होने के लिए सात दिनों का वक्त मांगा था. इस पर जांच टीम ने कहा ये संभव नहीं है, क्योंकि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.