राजस्थान के दो गांवों से बाल विवाह के तीन मामले सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि बाल विवाह के बाद परिजन इन जोड़ों को मंदिर में धोक लगवाने पहुंचे थे और प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं लगी.
फोटो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया. लेकिन मंदिर में बाल जोड़ा दुनियादारी से दूर एक दूसरे को थप्पड़ मारता और खेलता नजर आया. भीलवाड़ा के गेंदलिया गांव में दो और आसींद गांव में एक बाल विवाह हुआ.
अब इस पूरे मामले में जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं. तहसीलदार और SDM मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं. इन बच्चों की उम्र 10 से 12 साल बताई जा रही है.
राजस्थान के दो गांव में हुए तीन बाल-विवाह
बता दें, पिछले विधानसभा सत्र में राजस्थान सरकार ने बाल विवाह को मान्यता देने वाला कानून पारित किया था. जिसे लेकर देश भर में हंगामा हुआ और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र को पत्र लिखकर विवादास्पद विवाह संशोधन बिल 2021 को वापस लेने को कहा. लेकिन भीलवाड़ा के दो गांव में हुए तीन बाल विवाह ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. बताया जा रहा है कि परिजनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
9वीं क्लास में पढ़ने वाली छात्रा ने रुकवाई थी अपनी शादी
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में ही एक 14 साल की नबालिग लड़की ने चाइल्ड हेल्प लाइन को सूचित किया था कि 11 दिसंबर को उसकी शादी होनी है. जिसे पुलिस द्वारा तुरंत ही रुकवा दिया गया था. बच्ची 9वीं कक्षा की छात्रा है. इसके बाद लड़की और उसके माता पिता को उपखंड मजिस्ट्रेट कार्यालय ले जाया गया. जहां पर उन्हें बाल विवाह संरक्षण अधिनियम के तहत कानूनी तौर पर पाबंद किया गया. उन्होंने बताया कि परिजनों को लड़की के कानूनी रूप से विवाह योग्य आयु होने तक शादी नहीं करने के लिए पाबंद किया गया है.
19 साल के लड़के ने रुकवाई थी शादी
इसके अलावा दौसा में एक 19 साल के लड़के ने चाइल्ड हेल्प लाइन पर फोन कर अपनी शादी रुकवाने की गुहार लगाई थी. जिसके बाद मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने लड़के की शादी रुकवा दी थी. यह मामला दौसा के सिकराई का था. शिकायत करने वाला लड़का 12वीं का छात्र था. हाल ही में उदयपुर जिलें में एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह करवाया जा रहा था. इस पर लड़की ने हिम्मत दिखाकर बाल आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल को फोन कर जानकारी दी थी. जिसमें लड़की ने बताया कि वो शादी नहीं बल्कि पढ़ना चाहती है.