हाई-फाई जिंदगी के चक्कर में डिजिटल लोन लेकर उसमें फंसने वाले छात्र अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं. इसकी बानगी कानपुर में एक सिविल इंजीनियर की हकीकत से सामने आ गई. कानपुर में आईएएस की तैयारी में लगे इस सिविल इंजीनियर अपने खर्चों को पूरा करने के लिए डिजिटल लोन लिया.
इस लोन को अदा करने की में ऐसा उलझा कि खुद ही अपने अपहरण का ड्रामा रच डाला. अपने आईआईटियन इंजीनियर भाई से 40,000 रुपये की फिरौती तक मंगवा ली. मगर, भाई की शिकायत पर जब पुलिस ने अपहरण कांड की जांच शुरू की, तो पूरा मामला खुल गया और इस सिविल इंजीनियर को रामपुर से गिरफ्तार कर लिया गया.
जल्दी 40 हजार रुपये भेजो, नहीं तो वे मार डालेंगे
कन्नौज जिले के रहने वाले सूरजभन ने कानपुर के एचबीटीयू से सिविल इंजीनियरिंग की है. इसके बाद वह कानपुर के रावतपुर में रहकर आईएएस की कोचिंग कर रहा था. वह 28 मई को लखनऊ में अपना पेपर देने गया था. उसके बाद उसने झारखंड में रहने वाले अपने भाई उदय भान को फोन किया.
कहा कि भैया मेरा अपहरण हो गया है. जल्दी से 40,000 रुपये भेज दो, नहीं तो वो मुझे मार डालेंगे. उदयभान आईआईटी पास है और झारखंड में एक बड़ी कंपनी में इंजीनियर है. अपने भाई के अपहरण की बात सुनते ही वह घबरा गया और तुरंत उसके बताए अकाउंट पर 40,000 रुपये भेज दिए.
भाई ने कानपुर पुलिस को दी अपहरण की सूचना
मगर, इसके बाद उदयभान ने इसकी सूचना तुरंत कानपुर पुलिस कमिश्नर को भी दे दी. कानपुर पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड को लगा जरूर इस मामले में कोई गड़बड़ है. सिर्फ 40,000 रुपये के लिए एक सिविल इंजीनियर का अपहरण करना उन्हें संदेहजनक लगा.
इसके बाद रावतपुर थाने में सूरजभान के अपहरण का केस दर्ज करके पुलिस की 5 टीमें जांच में लग गईं. पुलिस को सूरजभान की लोकेशन ट्रेन में मिली. पुलिस की टीम ने उसका पीछा करते हुए सोमवार को रामपुर जिले में सूरजभान को पकड़ लिया.
अपहरण के ड्रामे के लिए यूज किया दूसरा फोन नंबर
तब सूरजभान ने पुलिस को बताया कि अपराधियों ने मुझे छोड़ा है, लेकिन इसके बाद पुलिस ने और सवाल पूछे, तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया. पुलिस को पता चला था कि जिस नंबर से उसने भाई को सूचना दी थी, उसने उसे बंद कर दिया था. उसके पास एक दूसरा नंबर भी था, जो उसने किसी को नहीं दिया था. अपने अपहरण का ड्रामा करने के लिए ही वह उसे यूज कर रहा था. पुलिस ने इसी नंबर को सर्विलांस पर देकर उसकी पूरी कहानी उजागर कर दी.
अब उसे है अपनी जिंदगी के बर्बाद होने का अफसोस
सूरजभान ने बताया कि हाई स्कूल में मेरे 82 प्रतिशत नंबर आए थे. इंटर में 92 परसेंट मार्क्स आए थे. इसके अलावा सूरजभान ने सोशल साइंस से यूपी टॉप किया था. उसका कहना था कि मैंने 40000 रुपये का डिजिटल लोन लिया था. उसी को चुकाने के चक्कर में फंसता चला गया. मैंने खुद ही अपने भाई को फोन करके पैसा मंगाया था. अब जिंदगी बर्बाद होने का अफसोस है.