दिल्ली पुलिस ने बंबीहा और नीरज बवाना गैंग से जुड़े तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी से गुरुग्राम में 14 जनवरी को हुई गोलीबारी का केस सुलझ गया है, जिसमें 24 राउंड फायरिंग की गई थी. पकड़े गए अपराधियों की पहचान सुनील यादव उर्फ लाला, ललित उर्फ राहुल और फहीम उर्फ लंगड़ा के रूप में हुई है.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुरुग्राम के अशोक विहार में हुई गोलीबारी के के दौरान शूटरों ने बंबीहा गिरोह के नाम वाली पर्चियां छोड़ी थीं. इस वारदात में इस्तेमाल एक चोरी की गई कार भी बरामद हुई है. इसे पुलिस टीम ने साकेत से चेकिंग के दौरान बरामद किया, जिससे सुनील यादव की गिरफ्तारी हुई.
इसके बाद आगे की जांच में ललित और फहीम को पकड़ा गया. दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड है. फहीम ने गुरुग्राम में गोलीबारी में इस्तेमाल की गई चोरी की मोटरसाइकिल का इंतजाम किया था. पुलिस ने खुलासा किया कि फहीम का संगठित अपराध समूहों के साथ काम करने का इतिहास रहा है.
पुलिस ने बताया कि फहीम कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा है. वहीं, ललित पहले डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करता था. वो डकैती और हत्या समेत छह आपराधिक मामलों से जुड़ा हुआ था. तीनों अपराधियों से पुलिस हिरासत में पूछताछ की जा रही है. इन्हें पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा.
दिल्ली पुलिस ने कुछ दिन पहले ही एक 42 वर्षीय व्यक्ति को देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम मनोज है, जो कि गैंगस्टर नीरज बवाना से बहुत प्रभावित था. उसने अपराधियों से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर देखी थी.
एक पुलिस अधिकारी ने कहा था कि आरोपी मनोज को नंगली विहार एक्सटेंशन से एक गुप्त सूचना के बाद गिरफ्तार किया गया. वह बवाना गिरोह के साथियों को पिस्तौल देने जा रहा था. उससे पूछताछ के दौरान दिल्ली में बवाना गैंग की सक्रियता से जुड़े कई अहम जानकारियां मिली हैं.
बताते चलें कि नीरज बवाना और बंबीहा गैंग एक साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में वारदातों को अंजाम दिया करता है. बंबीहा गैंग का सरगना मोगा जिले के बंबीहा गांव का रहने वाला था. उसे दविंदर बंबीहा के नाम से भी जाना जाता था. लेकिन उसका असली नाम दविंदर सिंह सिद्धू था.
जुर्म की दुनिया में आने से पहले वह एक लोकप्रिय कबड्डी खिलाड़ी हुआ करता था. साल 2010 में जब वह कॉलेज में ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था, तब उसका नाम एक क़त्ल के मामले में सामने आया था. यह वारदात उसके गांव में दो समूहों में हाथापाई के दौरान हुई थी. हत्या के मामले में उसे जेल हो गई.
वो जेल में कई गैंगस्टरों के संपर्क में आया और फिर खतरनाक शार्प शूटर बन गया. लेकिन 9 सितंबर 2016 को बठिंडा जिले के रामपुरा के पास गिल कलां में 26 वर्षीय दविंदर बंबीहा को एक मुठभेड़ में पंजाब पुलिस ने मार गिराया था. बंबीहा पर 15 से ज्यादा केस दर्ज हुए, जिसमें 6 मर्डर के थे.