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MP: गांव में चल रही थी ग्रामसभा, दबंगों ने दलित महिला सरपंच को पीटा

मध्य प्रदेश के सतना जिले के जरियारी गांव में दलित महिला सरपंच को गांव के ही कुछ लोगों ने मारा. सरपंच ललिता बौद्ध ने गांव में ग्रामसभा का आयोजन किया था जिसमें उनके संग मारपीट की गई. इस मामले में पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

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दलित महिला सरपंच और उसके परिजन
दलित महिला सरपंच और उसके परिजन

मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक गांव की दलित महिला सरपंच संग मारपीट का मामला सामने आया है. 4 लोगों पर महिला सरपंच समेत उसके परिवार को पीटने का आरोप है.  यह घटना सतना जिले के नादन देहात थाना क्षेत्र के जरियारी गांव की है. 

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जरियारी गांव में ग्रामसभा का आयोजन किया गया था. इस दौरान प्रस्ताव डलवाए गए. प्रस्ताव को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया. इस दौरान सरपंच ललिता बौद्ध और विरोध करने वाले लोगों के बीच बहस होने लगी. इसके बाद विरोधियों ने दलित सरपंच ललिता बौद्ध के साथ मारपीट शुरू कर दी. ललिता के परिजन बीच बचाव करने आए तो उन्हें भी पीटा गया.

मारपीट किए जाने की शिकायत सरपंच ने पुलिस थाने में दर्ज कराई. इस मामले में पुलिस ने छोटू उर्फ चंद्रप्रकाश पटेल, बृजभान पटेल, चंद्रशेखर पटेल और बृजकिशोर लोनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 353, 332, 294, 506, 34 के तहत मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

पीड़ित सरपंच ललिला के भाई अनिल सूर्यवंशी ने बताया, मध्यप्रदेश पंचायत विभाग द्वारा नियम आया था कि 16 से 20 अगस्त के बीच प्रत्येक गांव में ग्रामसभा का आयोजन किया जाए. नियम के अनुसार ग्राम पंचायत जरियारी में ग्रामसभा का आयोजन किया गया इस दौरान प्रस्ताव भी डाले गए. 

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छोटू उर्फ चंद्रप्रकाश पटेल, बृजभान पटेल, चंद्रशेखर पटेल और बृजकिशोर लोनी को भी प्रस्ताव डालने के लिए कहा गया. तभी छोटू उर्फ चंद्रप्रकाश पटेल ने प्रस्ताव डालने का विरोध करने लगा और लोगों को प्रस्ताव डालने से रोकने लगा. जिसका हमने विरोध किया तो इन चारों ने अपने कुछ लोगों के साथ मिलकर हमारे साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी. साथ ही गांव के सचिव को भी अपने साथ ले गए. चंद्रप्रकाश पटेल उर्फ छोटू भैया खुद को ओबीसी महासभा का जिला उपाध्यक्ष बताकर रौब झाड़ता है.

नादन देहात थाना पुलिस मारपीट की खबर मिली तो मौके पर पहुंची पुलिस ने सरपंच की शिकायत पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले आई. शांति कायम रखने के लिए पुलिस ने आईपीसी की धारा 151 के तहत चारों आरोपियों को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया. सरपंच की शिकायत पर SC/ST एक्ट का मुकदमा भी पंजीबद्ध किया गया. लेकिन 7 साल से कम की सजा का प्रावधान होने के चलते सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया.

वहीं, मैहर अनुभाग के एसडीओपी आलोक डावर ने कहा कि ग्राम जरियारी में ग्रामसभा बुलाई गई थी, उसमें 4 लोगों द्वारा ग्रामसभा में  घुसकर सरपंच ललिता बौद्ध को जातिसूचक अपशब्द कहे गए और उनसे मारपीट भी की है. मामले में केस दर्ज कर लिया गया है.

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