बिहार के दरभंगा ब्लास्ट मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई की है और उसे दो शहरों में छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत और दस्तावेज भी मिले हैं. एनआईए इस मामले में हैदराबाद से 2 लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है.
दरभंगा ब्लास्ट मामले में एनआईए की टीम ने बुधवार देर शाम तक छापेमारी की थी. एनआईए टीम को हैदराबाद और दरभंगा में छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत और दस्तावेज मिले हैं. साथ ही हैदराबाद के हबीब नगर इलाके से नासिर और इमरान मलिक को गिरफ्तार किया गया है.
छापेमारी के दौरान एनआईए की ओर से IED बनाने से संबंधित सामान और उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण सामग्रियों को भी जब्त किया गया है. साथ ही कई मोबाइल फोन सहित डिजिटल सबूतों को भी जब्त किया गया है. जब्त डिजिटल फोरेंसिक सबूतों को दिल्ली स्थित फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा.
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एनआईए ने किए कई बड़े खुलासे
दरभंगा में विस्फोटक भेजने वाले आरोपियों से जुड़े संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है. दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पार्सल ब्लास्ट केस में एनआईए ने कई चौंकाने वाला खुलासे भी किए. एनआईए ने दो मुख्य आरोपी इमरान मलिक और मोहम्मद नासिर को गिरफ्तार किया और इनका पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है तथा उन्हें लश्कर का आतंकी बताया गया है.
दोनों आरोपी हैदराबाद में रह रहे थे और देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी हमलों के जरिए दहशत फैलाने की कोशिश में थे. अब एनआईए ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और उनके जरिए कई जरूरी जानकारी सामने निकल कर आई है.
एनआईए (NIA) की प्रवक्ता जया राय ने आज बताया कि 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल में विस्फोट हुआ था. जांच के दौरान पुलिस को केमिकल ब्लास्ट का शक हुआ क्योंकि घटनास्थल पर केमिकल की बोतल भी बरामद हुई थी. इस मामले में 24 जून को एनआईए ने जांच शुरू की थी.