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Hit and Run Case: DPS के Ex स्टूडेंट के खिलाफ आरोप तय, 2 लोगों की ली थी जान

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल के एक पूर्व छात्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में आरोप तय किए है. छात्र पर आरोप है कि उसने साल 2017 में अपनी तेज रफ्तार कार से दो लोगों को कुचलकर उनकी हत्या कर दी थी.

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दिल्ली की एक अदालत ने हिट एंड रन केस में आरोप तय किए.
दिल्ली की एक अदालत ने हिट एंड रन केस में आरोप तय किए.

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल के एक पूर्व छात्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में आरोप तय किए है. छात्र पर आरोप है कि उसने साल 2017 में अपनी तेज रफ्तार कार से दो लोगों को कुचलकर उनकी हत्या कर दी थी. आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 308, 304 (ii) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत आरोप तय किए गए हैं.

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एकता गौबा मान आरोपी समर्थ चुघ के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थीं. उसके खिलाफ कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था. इससे पहले सोमवार को अदालत ने मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था. आरोपी ने आरोपों में खुद को निर्दोष बताया था. हालांकि, अब उसके खिलाफ आरोप तय हो चुका है.

अदालत की कार्यवाही के दौरान न्यायाधीश ने कहा, "20 अप्रैल 2017 को सुबह करीब साढ़े पांच बजे कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र के हनुमान मंदिर से आईटीओ जाने वाली सड़क पर रेलवे पुल के नीचे आप तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पाए गए. इससे मानव जीवन और दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा था. इस तरह आपने मेरे संज्ञान में भारतीय दंड संहिता की धारा 279 के तहत दंडनीय अपराध किया है."

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उन्होंने कहा कि कार चलाते समय समर्थ चुघ ने फुटपाथ पर सो रहे लोगों को टक्कर मारी थी. इसके बाद उसने भागने की कोशिश के दौरान कार को पीछे की ओर मोड़ दिया, जिससे घायल बुरी तरह जख्मी हो गए. इस तथ्य के बावजूद कि घायलों में से एक को कार के सामने वाले बम्पर में टक्कर लगी थी और अन्य तीन घायल व्यक्ति कार के पीछे पड़े थे. आरोपी ने दो व्यक्तियों की जान ले ली. ये हत्या के बराबर का कृत्य है.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एकता गौबा मान ने गैर इरादतन हत्या करने के प्रयास के लिए तीसरे मामले में भी आरोप तय किए. उन्होंने कहा, "आपने संजय और कुलदीप उर्फ ​​करण के शरीर पर जानलेवा चोटें पहुंचाई. इसके साथ ही आप बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के उक्त वाहन चलाते पाए गए. इस प्रकार आपने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत मेरे संज्ञान में दंडनीय अपराध किया है, जो कि अक्षम्य है."

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