पुलिस ने कत्ल के इल्जाम में वीरेंद्र सिंह गोपाल सिंह और दिलबाग को रंगपुर इलाके से गिरफ्तार किया है. दरअसल 17 मई को आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस को पीसीआर से कॉल मिली थी जिसमें बताया गया कि सेंटोर होटल के पास एक व्यक्ति की लाश पड़ी हुई है. पुलिस को लाश के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ था. पुलिस ने मोबाइल के डायल किए हुए नंबर को कॉल किया तो पता चला वह मनोज साहू का नंबर था जो कि एक ट्रैवल एजेंट है.
विदेशी नागरिक के कत्ल का राज
ट्रैवल एजेंट ने इस दौरान पुलिस को मृतक के पासपोर्ट की कॉपी भेजी जिससे जानकारी मिली कि मृतक का नाम जामा सैयद फराह है जो कि केन्या का रहने वाला है. मृतक ने अपना 17 मई का टिकट दिल्ली से सोमालिया होते हुए केन्या के लिए बुक करवा रखा था. जिसके बाद पुलिस ने मृतक की बेटी जेना को संपर्क किया और उसके पिता की मौत की खबर दी.
जीना ने पुलिस को बताया कि उसके पिता 2 हफ्ते पहले हिंदुस्तान अपने दिल का इलाज कराने के लिए आए थे. कोरोना काल के चलते अस्पताल में फिलहाल उनके दिल का इलाज नहीं हो सका लिहाजा उन्होंने 17 मई को सोमालिया होते हुए केन्या जाने का फैसला किया था. लेकिन मृतक के पास सोमालिया का वीजा ना होने के चलते और तमाम फ्लाइट ओवरफ्लो होने के चलते वह केन्या नहीं जा पाए.
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पुलिस ने कैसे की जांच?
जिसके बाद फराह एयरपोर्ट से बाहर आ गए और उन्होंने एक टैक्सी नंबर HR-55-AF-5435 महिपालपुर होटल जाने के लिए हायर की थी. जिसके बाद से बेटी का कोई भी संपर्क पिता से नहीं हो सका और फराह की लाश एयरपोर्ट के होटल सेंटोर के पास झाड़ियों में मिली. पुलिस को शुरुआत से ही मामला कत्ल का लग रहा था लिहाजा इस जांच के लिए इंस्पेक्टर मनोहर लाल, सब इंस्पेक्टर संजीव चौधरी, सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार, धर्मेंद्र और एसीपी रमेश कुमार की टीम को लगाया गया.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हरियाणा नंबर की जिस टैक्सी से फरार महिपालपुर जाना चाहते थे, वह वीरेंद्र सिंह उर्फ मोनू नाम के शख्स के नाम से पंजीकृत थी. जिसके बाद पुलिस ने मोनू के घर रंगपुरी इलाके में छापेमारी शुरू की और वीरेंद्र उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया.