सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के एनजीओ के खिलाफ दिल्ली के महरौली थाने में एफआईआर दर्ज हुई है. हर्ष मंदर महरौली इलाके में उम्मीद अमन घर नाम का संस्था चलाते हैं, जिसमें लावारिस बच्चे रहते हैं. सूत्रों के मुताबिक, संस्था में बच्चों का ख्याल नहीं रखा जा रहा था, ठीक से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा था.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अक्टूबर 2020 में NCPCR की टीम ने संस्था का निरीक्षण किया था और खामियां पाईं थीं, जिसके बाद एफआईआर दर्ज हुई. पुलिस ने आईपीसी 188 और JJ एक्ट में एफआईआर दर्ज की है. आपको बता दें कि हर्ष मंदर पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का एक मामला चल रहा है. फिलहाल यह केस विचाराधीन है.
पिछले साल मार्च में दिल्ली पुलिस के डीसीपी लीगल सेल ने एक्टिविस्ट हर्ष मंदर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया था. दिल्ली पुलिस ने मंदर पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाया था. हलफनामे में कहा गया था कि हर्ष मंदर ने सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बयानबाजी की है, जो कोर्ट की अवमानना है.
डीसीपी लीगल सेल ने हलफनामे में कहा था कि हर्ष मंदर ने ना सिर्फ हिंसा के लिए भीड़ को उकसाया, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बयान भी दिया, जो अवमानना है. हर्ष मंदर पर जामिया में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है.
हालांकि, हर्ष मंदर के वकील दुष्यंत दवे ने कहा था कि वो भाषण ना तो देशद्रोह जैसा था और न ही भड़काऊ. खैर यह मामला अभी विचाराधीन है.