दिल्ली के शाहाबाद इलाके में 14 साल के लड़के की हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में 4 युवकों को गिरफ्तार किया है. हत्या के तीन आरोपी अभी फरार हैं. दरअसल, 22 जनवरी को दिल्ली के शाहाबाद डेयरी इलाके में एक गटर से शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.
पुलिस की जांच में पता चला कि 19 जनवरी को एक 14 साल के लड़के मंजीत की गुमशुदगी का केस दर्ज हुआ था. पुलिस ने जब गटर से मिली लाश की शिनाख्त कराई तो पता चला कि शव गुमशुदा हुए मंजीत का ही है. मंजीत के परिजनों ने पुलिस को बताया कि नाबालिग 9 जनवरी से लापता था. काफी तलाश के बाद 19 जनवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
पुलिस ने मुखबिर व सर्विलांस की मदद से छानबीन शुरू की तो पता चला कि मंजीत की आखिरी लोकेशन डी ब्लॉक शाहाबाद डेयरी में कपड़े की दुकान के पास थी. इस मामले में पुलिस ने हर्षित और विक्रम नाम के दो भाइयों को हिरासत में ले लिया.
आरोपियों की उधारी नहीं दे रहा था नाबालिग
पूछताछ में पता चला कि हर्षित और विक्रम भाई हैं और डी ब्लॉक शाहाबाद डेयरी में कपड़े की दुकान चलाते हैं. इसी दुकान से मंजीत कपड़े खरीदता था और अक्सर पैसे नहीं देता था. मंजीत उनसे उधार भी लेता था. दोनों भाइयों ने मंजीत को 18 हजार रुपए दिए थे. जब भी हर्षित अपने पैसे वापस मांगता था तो मंजीत बहाने बना देता था. बताया जा रहा है कि मृतक हर्षित और उसके भाई के खिलाफ झूठी शिकायत करने की धमकी देता था.
दुकान पर बुलाकर मांगे थे पैसे, नहीं दिए तो कर दी हत्या
9-10 जनवरी की दरम्यानी रात दोनों आरोपियों ने अपने 3 अन्य दोस्तों के साथ बदला लेने और उसे मारने की साजिश रची. दोनों ने मंजीत को दुकान पर बुलाया. दोनों ने पहले तो नाबालिग से उधारी के 18 हजार रुपए चुकाने के लिए कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया तो झगड़ा होने लगा.
इसी दौरान चेंटा नाम के आरोपी ने मंजीत को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई. हत्या के बाद नाबालिग के शव को ई ब्लॉक के गटर में ठिकाने लगा दिया और खून से सने कपड़े सेक्टर 11 रोहिणी के पास नाले में फेंक दिए. पुलिस का कहना है कि नाबालिग की हत्या के केस में चेंटा समेत तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं.