गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट की वारदात को अंजाम देने वाले एक खौफनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस गैंग ने सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से अपनी टीम तैयार की और फिर दिल्ली एनसीआर में लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने लगे.
घंटाघर कोतवाली पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत पांच लुटेरों को गिरफ्तार किया गया. पकड़े गये आरोपी घटना से पूर्व बाकायदा रेकी करते थे. इसके बाद रात के अंधेरे में चोरी एवं लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे. गिरोह के सरगना ने फेसबुक के माध्यम से अन्य साथियों को पहले आने साथ जोड़ा फिर काम न मिलने पर कम समय में ज़्यादा से ज़्यादा पैसा कमाने के लिए लूटपाट की वारदात को अंजाम देने लगे.
लूटपाट की भर्ती की वारदातों को मद्देनजर रखते हुए सीओ प्रथम महिपाल सिंह और एसएचओ अमित कुमार की टीम ने सिद्धार्थ विहार विजय नगर फ्लाईओवर के पास से इन आरोपियों को चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान गौरव सिंह उर्फ रूद्र पुत्र प्रमोद सिंह निवासी कोटला मुबारिकपुर दिल्ली, रोहित उर्फ सोनू पुत्र परमानन्द निवासी इन्दरापुरी लोनी, विराट पुत्र अभय कुमार निवासी कासगंज सिटी, संदीप खर्रा पुत्र गणेशराम निवासी जोवनेर जयपुर, विकास पुत्र मुकेश निवासी ग्राम दादूपुर खटाला गौतमबुद्धनगर के रूप में हुई है. जिनके कब्जे से तीन तंमचा, चाकू, दो चोरी की बाइक, तीन मोबाइल बरामद किया गया.
क्षेत्राधिकारी महिपाल सिंह ने बताया कि गौरव सिंह उर्फ रूद्र इस लुटेरे गैंग का सरगना है. जो कि पूर्व में भी दिल्ली से लूट एवं चोरी के मामले में जेल जा चुका है. हैरानी की बात ये है कि जेल से छूटन के बाद इस आरोपी ने फेसबुक के माध्यम से अपने अन्य साथियों को जोड़कर एक गैंग तैयार किया. इसके बाद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लूट एवं चोरी की वारदात को अंजाम देने लगे.
इन लुटेरों की गिरफ्तारी के बाद बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं खुलासे यह भी हुआ है कि यह गिरोह लूट से पहले अपने टारगेट का चुनाव करता था फिर अपने गैंग के साथियों से उस टारगेट का फोटो और लोकेशन शेयर करता था जिसके बाद यह सब मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देते थे.