दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 18 में पुलिस और बदमाशों के बीच हुए मुठभेड़ के बाद तीन शूटरों को गिरफ्तार किया गया है. तीनों बदमाश हिमांशु भाऊ-नीरज बवाना गैंग से जुड़े हुए हैं. उनके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, दो देसी पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल जब्त की गई है.
शनिवार को एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान अतुल, रोहित और प्रिंस के रूप में हुई है. पुलिस को शुक्रवार को एक खुफिया सूचना मिली थी कि तीनों शूटर किसी को गोली मारने के इरादे से मोटरसाइकिल से दिल्ली के बवाना इलाके में जा रहे हैं.
टारगेट किलिंग की साजिश की सूचना मिलते ही रोहिणी सेक्टर 18 थाने की पुलिस सक्रिय हो गई. तुरंत एक पुलिस टीम बनाई गई. इसके बाद रोहिणी के दीप विहार में प्रेम आधार अस्पताल के पास जाल बिछाया गया. शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे पुलिस ने बाइक सवार तीन लोगों को रोका.
पुलिस को देखते ही उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. वहां से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन उन्होंने बाइक पर अपना नियंत्रण खो दिया. वो नीचे गिर गए. इसी बीच उनकी गोली एक हेड कांस्टेबल को लग गई, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट होने की वजह से उनकी जान बच गई. पुलिस ने जवाबी फायरिंग किया.
इस दौरान एक शूटर के पैर में गोली लग गई. इसी बीच पुलिस ने चारों से तरफ से घेरकर आरोपियों को अपने कब्जे में ले लिया. प्रारंभिक इलाज के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. उनका हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली, रंगदारी और डकैती सहित कई हिंसक अपराधों का इतिहास रहा है.
अतुल के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट उल्लंघन सहित सात आपराधिक मामलों में दर्ज हैं. उसने जेल में रहते हुए बवाना के एक राजनेता को जबरन वसूली के लिए कॉल भी की थी. रोहित भारतीय सेना में सिपाही रह चुका है. लेकिन वहां से आने के बाद उसने अपराध करना शुरू कर दिया.
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय भाटिया ने बताया कि रोहित के खिलाफ हत्या, डकैती और चोरी के छह मामले दर्ज हैं. उनमें सबसे छोटा प्रिंस अतुल से प्रभावित होकर उसके गिरोह में शामिल हुआ था. तीनों शूटरों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. उनसे पुलिस हिरासत में पूछताछ की जा रही है.