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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पकड़ा सेक्सटॉर्शन गैंग, रिटायर्ड अफसर को ब्लैकमेल कर लूटे 2 करोड़ रुपये

यूपी के मथुरा और राजस्थान के भरतपुर से सेक्सटॉर्शन गैंग चलाया जा रहा था. इसके सदस्यों ने ताजा शिकार आईटीबीपी के रिटायर्ड कमांडेंट को बनाकर उनसे 2 करोड़ रुपये वसूले थे. पीड़ित ने दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 200 से अधिक मोबाइल नंबर एनालिसिस कर आरोपियों को गिरफ्तार किया.

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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने ब्लैकमेलिंग करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. ये गैंग लड़कियों के जरिए लोगों को व्हाट्सएपप कॉल करवाता था और फिर न्यूड चैट वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड किया करता था. गैंग के सदस्यों ने ताजा शिकार आईटीबीपी के रिटायर्ड कमांडेंट को बनाकर उनसे 2 करोड़ रुपये वसूले थे.   

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आईटीबीपी के एक सेवानिवृत्त कमांडेंट ने दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वह 'व्हाट्सएप' पर एक महिला से मिले थे. उसने उन्हें कई सोशल मीडिया पर एक अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी. 

क्राइम ब्रांच के फर्जी इंस्पेक्टर बनकर आरोपी वसूले रुपये 

इसके बाद उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना परिचय दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राम कुमार मल्होत्रा के रूप में दिया. इस कथित पुलिसवाले ने सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो को ब्लॉक करने के बहाने पैसे वसूलने शुरु कर दिए. 

लड़की की आत्महत्या का केस बंद करने के नाम पर की वसूली

बाद में उन्हें सेक्सटॉर्शनिस्ट गैंग ने बताया कि फोन करने वाली लड़की ने राजस्थान में आत्महत्या कर ली है. पीड़ित से आगे कहा कि मामला अब पेंचीदा हो गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने हत्या के मामले को बंद करने के लिए अलग-अलग समय पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और गृह मंत्रालय के अधिकारी होने का नाटक करते हुए धन की उगाही की.  

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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जांच में 200 से अधिक मोबाइल फोन की जांच की  

इसी तरह आरोपियों ने लगभग 1.8 करोड़ रुपये की वसूली की थी. गैंग के सदस्य लगातार पैसों की मांग कर रहे थे. मामले की शिकायत करने के बाद दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जांच शुरु की. टीम ने 200 से अधिक मोबाइल फोन की जानकारी और विश्लेषण किया और विभिन्न बैंकों के 20 से अधिक बैंक खातों की जानकारी हासिल की. 

सर्विलांस से पता चला कि मथुरा और भरतपुर से चल रहा था गिरोह 

टीम को सर्विलांस से पता चला अलग-अलग मोबाइल फोन नंबरों से मथुरा और भरतपुर से गिरोह चलाया जा रहा था. इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने यूपी के मथुरा और राजस्थान के भरतपुर में छापेमारी कर तीन आरोपियों नीरज, अजीत और जरीफ को गिरफ्तार कर लिया. 

आरोपी के खाते से ट्रांसफर हुई रकम, लेकिन एटीएम और चेकबुक थी दूसरे के पास  

आरोपी नीरज अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के मथुरा में अगरयाला गांव में रह रहा था. उसने 8वीं तक ही पढ़ाई की थी. वह अन्य आरोपी व्यक्तियों से मिला और मथुरा में अपने नाम से एक बैंक खाता खुलवाया. लेकिन एटीएम कार्ड, चेक बुक और बैंक खाते से जुड़े अन्य दस्तावेज उसके पास नहीं हैं. उसने अन्य अभियुक्तों से अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए नकद मिलता था, ताकि उसका उपयोग धोखाधड़ी में किया जा सके. उनके खाते में 17.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे.  

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दूसरे आरोपी के पास भी नहीं थे बैंक के कोई भी कागजात 

इसी तरह दूसरा आरोपी अजीत भी अगरयाला का रहने वाला है. उसने सिर्फ दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की थी. वह अन्य आरोपी व्यक्तियों से मिला और मथुरा में अपने नाम से एक बैंक खाता खुलवाया. लेकिन उसका एटीएम कार्ड, चेक बुक और बैंक खाते से जुड़े अन्य दस्तावेज उसके पास नहीं हैं. इस आरोपी के खाते में 41.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. 

मुख्य साजिशकर्ता जरीफ है, जल्दी पैसा कमाने के लिए शुरू की ऑनलाइन ठगी 

तीसरे आरोपी जरीफ के 4 भाई और 3 बहनें हैं. उसने 5वीं तक ही पढ़ाई की थी. उनकी शादी 2012 में हुई थी और उनके 4 बच्चे हैं. आसानी से पैसा कमाने के लिए उसने ऑनलाइन ठगी की दुनिया में कदम रखा. वह मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है. उसने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर रुपये की रंगदारी की है. उसने यूट्यूब अधिकारी होने का नाटक करते हुए पीड़ित से बात की थी. उगाही के पैसे से उसने एक थार, एक प्लॉट और खेती की जमीन खरीदी थी.्

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