पिछले साल दिल्ली हिंसा (Delhi violence ) के दौरान दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने के आरोपी शाहरुख पठान समेत चार लोगों के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं.
साल 2020 में दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले में पुलिस ने शाहरुख पठान को भी आरोपी बनाया था. उस पर एक पुलिसकर्मी को पिस्तौल दिखाकर डराने का इल्जाम है. इस मामले की सुनवाई दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में चल रही है.
जहां बुधवार को कोर्ट ने आरोपी शाहरुख पठान समेत शमीम, अब्दुल शहजाद और इश्तियाक मलिक के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. कोर्ट ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 186, 188, 353, 307 के तहत आरोप तय किए हैं. साथ ही कोर्ट ने शाहरुख पठान पर आर्म्स एक्ट की अतिरिक्त धारा भी लगाई है.
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गिरफ्तारी के बाद से ही शाहरुख पठान की तरफ से कई बार अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई. लेकिन दिल्ली हिंसा के दौरान गन लहराने वाले आरोपी शाहरुख पठान को जमानत देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया.
आपको बता दें कि पिस्टलबाज शाहरुख (Shahrukh) को मॉडल बनने का शौक है. शुरुआती पूछताछ में शाहरुख ने बताया था कि उसने गुस्से में आकर पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानी थी. इससे पहले शाहरुख का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है. माना जा रहा था कि शाहरुख तो कुछ लोगों के इशारे पर काम कर रहा था.