धनबाद में जज उत्तम आनंद की संदिग्ध स्थिति में हुई मौत पर अब सीएम हेमंत सोरेन ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इस मामले में सीबीआई से जांच करवाई जाएगी. इस केस को सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही स्वतः संज्ञान में ले रखा है.
जज मौत में सीबीआई जांच के आदेश
बता दें कि एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज उत्तम आनंद की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी. उन्हें एक ऑटो चालक ने टक्कर मारी थी. सीसीटीवी फुटेज को देख कहा गया कि तय रणनीति के तहत जज को टक्कर मारी गई थी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाई कोर्ट ने कड़ा रुख दिखाया है. एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने मामले में 30 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी थी, तो वहीं हाई कोर्ट ने भी 29 जुलाई को SSP को तलब किया था.
इस मामले में अभी SIT द्वारा जांच की जा रही है. लेकिन अब सीएम हेमंत सोरेन ने केस की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं. इससे पहले जज उत्तम आनंद के छोटे भाई सुमन शुंभु ने इस मामले में CBI जांच की मांग की थी. वहीं हजारीबाग बार असोसिएशन ने भी सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया था.
सीएम ने क्या कहा है?
मालूम हो कि दिवंगत न्यायाधीश उत्तम आनंद के परिजनों ने एक दिन पहले मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री ने इस दुःखद घटना के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की थी और कहा था कि सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ है. उन्होंने परिजनों से कहा था कि मामले की जांच को लेकर राज्य सरकार गंभीर है. त्वरित गति से इस घटना का अनुसंधान पूरा कर परिजनों को न्याय मिले यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है.
SIT पहुंची मौकाए वारदात पर
अभी के लिए झारखंड में धनबाद के एडिशनल जज उत्तम आनंद की मौत मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है. धनबाद एसएसपी भी इसे एक हत्या ही बता रहे हैं और जांच भी उसी आधार पर की जा रही है. इस केस में SIT ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है. एसआईटी की टीम ने मौकाए वारदात पर पहुंचकर एक बार फिर से सीन को रिक्रिएट किया है. इसके अलावा एसआईटी ने घटनास्थल की बारीकी से जांच और निरीक्षण भी किया है.
कैसे जुड़ेंगी तमाम कड़ियां?
इस केस में अभी तक ऑटो चालक और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया है. उन्हीं से सवाल-जवाब किए जा रहे हैं, जानने का प्रयास है कि किस वजह से जज उत्तम आनंद को टक्कर मारी गई थी. जांच इस एंगल से भी की जा रही है कि उत्तम आंनद ने कौन-कौन से केस अपने पास रखे थे, वे किन केसों में खुद सुनवाई कर रहे थे. ऐसा कर इस केस की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
सिथुन मोदक का इनपुट