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नोएडा की जेल में बंद एल्विश यादव की नई मुसीबत, गुरुग्राम पुलिस ने इस केस में कसा शिकंजा

सांपों के जहर की तस्करी मामले में नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं. 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मौजूद यूट्यूबर पर गुरुग्राम पुलिस भी अपना शिकंजा कसने लगी है. उनको प्रोडक्शन वारंट पर अपनी गिरफ्त में लेने की तैयार कर रही है.

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नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं.
नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं.

मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. रविवार को सांपों के जहर की तस्करी मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए यूट्यूबर के खिलाफ नोएडा पुलिस की जांच चल ही रही है, इसी बीच गुरुग्राम पुलिस ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. कंटेंट क्रिएटर मैक्सटर्न के साथ मारपीट मामले में गुरुग्राम पुलिस प्रोडक्शन वारंट के जरिए उनको गिरफ्तार करने की तैयार कर रही है.

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बिग बॉस विजेता एल्विश यादव पर गुरुग्राम के एक मॉल की एक दुकान में कंटेंट क्रिएटर सागर ठाकुर उर्फ मैक्सटर्न के साथ मारपीट करने का आरोप है. गुरुग्राम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वो इस केस में आरोपी है. इसलिए उनको प्रोडक्शन वारंट पर लेने और गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जल्द ही गाजियाबाद कोर्ट में याचिका दायर करेगी. इसके लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है.

उन्होंने कहा कि हमले के समय जो लोग उसके साथ थे, उनके बारे में पुलिस को जानकारी मिलने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा. गुरुग्राम सेक्टर 53 पुलिस स्टेशन के अतिरिक्त एसएचओ बिजेंद्र सिंह ने कहा कि एल्विश यादव को सोमवार को मारपीट मामले में पेश होने का नोटिस दिया गया था. भले ही उसे नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उनके वकीलों द्वारा गुरुग्राम पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई है.

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8 मार्च को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एल्विश यादव यूट्यूबर सागर ठाकुर उर्फ मैक्सटर्न को पीटते हुए दिखाई दिए थे. वीडियो में उनको मैक्सटर्न को जमीन पर गिराते हुए और थप्पड़ मारते हुए देखा गया. इस घटना के बाद सागर ठाकुर ने पुलिस से संपर्क किया और एल्विश यादव के खिलाफ गुरुग्राम सेक्टर 53 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

एल्विश यादव को जांच में शामिल होने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने दो नोटिस जारी किए थे, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए. इस बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि पूरी घटना सागर ठाकुर द्वारा पूर्व नियोजित थी. इसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक दूसरा वीडियो शेयर किया. इसमें वो माफी मांगते हुए नजर आए. इसके कैप्शन में लिखा, "भाईचारा सबसे ऊपर".

14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं यूट्यूबर एल्विश यादव

सांप के जहर की तस्करी के मामले में एल्विश यादव को रविवार को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इस मामले में उनको पूछताछ के लिए बुलाया गया था. उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके सूरजपुर कोर्ट में पेश किया. वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इससे पहले जिला अस्पताल में उनकी मेडिकल जांच भी कराई गई थी.

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पिछले साल इस मामले के खुलासे के बाद नोएडा पुलिस ने यूट्यूबर एल्विश यादव सहित सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था. इसके बाद पांच लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. इनके नाम राहुल, टीटूनाथ, जय करन, नारायण और रविनाथ हैं. इन पांचों की गिरफ्तारी बीजेपी नेता मेनका गांधी की एनिमल वेलफेयर संस्था पीएफ की पहल पर हुई थी. इसके बाद राहुल ने एल्विश की करतूतों के बारे में खुलासा किया था. 

पुलिस ने उस वक्त यूट्यूबर को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन तब गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी. नोएडा सेक्टर 49 में एल्विश यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था. लेकिन इसकी विवेचना नोएडा सेक्टर 20 की पुलिस कर रही है. इसमें यूट्यूबर के खिलाफ आईपीसी की धारा 284, 289, 120बी और वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट-1972 की धारा 9, 39, 48, 49, 50, 51 के तहत केस दर्ज हुआ है. 

इस मामले में आरोपियों से बरामद स्नेक बेनम को जांच के लिए भेजा गया था. वहां से मिली रिपोर्ट के बाद एनडीपीएस एक्ट की धाराएं बढ़ा दी गई है. उनके खिलाफ जिन धाराओं में केस दर्ज किया गया है, उनमें उनको लंबी सजा मिल सकती है, जो कि सीधे तौर पर उनके करियर को प्रभावित करने वाली है. इनमें सबसे प्रमुख एनडीपीएस एक्ट जिसके तहत उन्हें अधिकतम 20 साल की सजा दी जा सकती है.

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यह भी पढ़ें: यूट्यूबर एल्विश यादव को इस एक्ट के तहत हो सकती है 20 साल तक जेल

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मेनका गांधी की टीम ने किया था एल्विश यादव का पर्दाफाश

बताते चलें कि 2 नवंबर 2023 को नोएडा के सेक्टर 51 के सेवरोन बैंक्वेट हॉल से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इसमें राहुल, टीटूनाथ, जय करन, नारायण और रविनाथ शामिल थे. इनके पास से 20 मिली सांप का जहर बरामद हुआ था. इसके साथ 9 सांप भी बरामद हुए थे, जिनमें 5 कोबरा, 1 अजगर, 2 दो मुहें सांप और एक रेड स्नैक था. आरोपियों ने बताया था कि सांपों के जहर का इस्तेमाल रेव पार्टी में किया जाता है. यह भी खुलासा हुआ कि एल्विश यादव की पार्टियों में सांपों के जहर से बने ड्रग्स का इस्तेमाल होता है.

बीजेपी नेता मेनका गांधी के एनजीओ पीएफए में कार्यरत गौरव गुप्ता ने इस मामले में केस दर्ज कराया था. पीएफए को नोएडा में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. ये भी पता चला था कि एल्विश यादव एनसीआर के फार्म हाउसों में कुछ लोगों के साथ मिलकर स्नेक वेनम का इस्तेमाल करते हैं. जिंदा सांपों के साथ वीडियो भी शूट कराते हैं. गैर कानूनी रूप से रेव पार्टियां भी आयोजित होती हैं.

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इसके बाद एक मुखबिर ने एल्विश यादव से संपर्क किया. एल्विश ने राहुल नाम के एक एजेंट का नंबर दिया और कहा कि उनका नाम लेकर बात कर लो. इसके बाद मुखबिर ने राहुल से संपर्क करके पार्टी आयोजित करने के लिए बुलाया. वो नोएडा के सेवरोन बैंक्वेट हॉल में सांप लेकर पहुंचे तो इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस को दे दी गई. इसी के बाद से इस पूरे मामले में सनसनीखेज खुलासा हो गया.

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