कर्नाटक के उडुपी में 20 वर्षीय इंजीनियरिंग की छात्रा के अपहरण का मामला सामने आया है. पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर एक युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140 (3) के तहत केस दर्ज किया गया है. पिता ने अपनी बेटी को लव जिहाद का शिकार बताया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
उडुपी टाउन पुलिस स्टेशन में 20 मार्च को दर्ज कराई गई शिकायत में पीड़िता के पिता गॉडविन देवदास (53) ने बताया कि उनकी बेटी मूडबिद्री में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ती है. उस दिन शाम करीब 6 बजे उडुपी के कुक्कीकट्टे जंक्शन पर अपनी कॉलेज बस से उतरी थी. इसके बाद अपने मौसी के घर के लिए जा रही थी.
उसी समय आरोपी अकरम मोहम्मद ने उसका अपहरण कर लिया. उसे बाइक पर बैठाकर ले गया. इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी एक बस चालक ने देवदास को इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पहले भी आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी. उस पर अपनी नाबालिग बेटी को परेशान करने का आरोप लगाया था.
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का अपहरण बदले की भावना से किया गया है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी 'लव जिहाद' का शिकार हुई है. उन्होंने दावा किया कि अकरम पिछले पांच वर्षों से इंस्टाग्राम के जरिए उनकी बेटी के संपर्क में था. वो सोशल मीडिया पर उनकी अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी दे रहा था.
गॉडविन देवदास ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा कि एक सप्ताह पहले दर्ज की गई उनकी शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया गया. उल्टे पुलिस ने उन्हें बताया कि वे वयस्कों की सहमति से जुड़े मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते. यहां तक कि उन्हें जोड़े के स्वेच्छा से साथ रहने का वीडियो भी दिखाया.
उन्होंने कहा, "मैं अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं." इसे लेकर हाईकोर्ट के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है, जिसमें उडुपी टाउन पुलिस को उनकी बेटी को अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश देने की मांग की गई है. शुक्रवार को एक खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 4 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया.
इस बीच आरोपी अकरम मोहम्मद ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत अपनी शादी के पंजीकरण के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया है. उसने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 482 के तहत उडुपी प्रधान जिला और सत्र न्यायालय के समक्ष अग्रिम जमानत की मांग करते हुए एक आवेदन भी दायर किया है.