उत्तर प्रदेश की इटावा पुलिस ने फर्जी अस्पताल का खुलासा किया है. अस्पताल के डॉक्टर से लेकर नर्स तक सभी फर्जी पाए गए हैं. पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इस फर्जी अस्पताल का खुलासा एक मरीज की मौत से हुआ है.
दरअसल, 9 जून को सुरवेंद्र नाम के एक शख्स ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी पत्नी प्रियंका गर्भवती थी, लेकिन इससे पहले 10 मई की सुबह दर्द की शिकायत के बाद उन्हें इटावा के साईं अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल के डाक्टरों द्वारा उनकी पत्नी प्रियंका का ऑपरेशन कर दिया गया था. ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और प्रियंका की मृत्यु हो गई.
सुरवेंद्र की तहरीर के आधार गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी. जांच के दौरान तमाम सबूत इकट्ठा किए गए, जिसमें इन तथ्यों की पुष्टि हुई कि अस्पताल की संचालिका कथित डॉक्टर शशि देवी और सूरजमुखी राजपूत के पास मेडिकल की कोई भी वैध डिग्री नहीं है. इन लोगों द्वारा बिना किसी वैध डिग्री के प्रियंका की डिलीवरी के समय जानबूझकर लापरवाही बरती और ऑपरेशन किया गया. इस दौरान प्रियंका की हालत बिगड़ गई और उन्हें सैफई रेफर कर दिया गया, जहां रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई.
इटावा के एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि कोतवाली पुलिस द्वारा बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के मरीजों का ऑपरेशन करवाने वाले अस्पताल की संचालिका सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने जांच में पाया कि प्रियंका के ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई. पुलिस ने फर्जी असपताल चलाने के आरोप में ओमकान्त राजपूत, डॉ शशि सिंह और सूरजमुखी राजपूत को गिरफ्तार किया है.