दिल्ली पुलिस ने वकील और एक्टिविस्ट महमूद प्राचा पर एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि प्राचा के दफ्तर पर सर्च करने गई पुलिस के काम उन्होंने बाधा पहुंचाई. कोर्ट से वारंट हासिल करने के बाद पुलिस टीम ने महमूद प्राचा के दफ्तर में छापा मारा था, इसी दौरान उन्होंने अफसरों से दुर्व्यवहार किया.
फिलहाल, प्राचा के खिलाफ सरकारी काम मे बाधा पहुंचाने और ड्यूटी के दौरान अफसरों से दुर्व्यवहार करने की धारा IPC 186 और IPC 353 के तहत निजामुद्दीन थाने में एफआईआर दर्ज की है. ये एफआईआर दिल्ली पुलिस सेल के अफसरों की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है.
बता दें कि महमूद प्राचा पर आरोप है कि उन्होंने कोर्ट में एक फ़र्ज़ी एफिडेविड लगाया है, एक दंगा पीड़ित से गलत बयान देने के लिए कहा. प्राचा ने जो एफिडेविड दिया उसमें जिस वकील के हस्ताक्षर हैं, उसकी मौत 3 साल पहले ही हो चुकी है. इसी केस में उन पर जांच चल रही है.
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इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर महमूद प्राचा के खिलाफ केस दर्ज किया था, फिर कोर्ट से वारंट हासिल कर आज छापेमारी की. लेकिन छापेमारी के दौरान आरोप है कि प्राचा ने पुलिस के काम में बाधा पहुंचाई साथ ही दुर्व्यवहार भी किया, जिसके चलते पुलिस ने उनपर केस दर्ज किया है.
मालूम हो कि कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया था कि वो इस मामले की जांच स्पेशल सेल या क्राइम ब्रांच से करवाएं. इस बाबत स्पेशल सीपी सेल नीरज ठाकुर ने बताया कि, कोर्ट ने आदेश दिया था लिहाजा हमने एफआईआर दर्ज की और कोर्ट से सर्च वारंट लेकर हमने उसे एग्जीक्यूट किया.
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