झारखंड के जमशेदपुर के परसुडीह में बीते दिनों पुजारी सुबोध पांडेय की हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इस मामले में कहा कि सुबोध की हत्या उसकी प्रेमिका ने की थी. हत्या करने के बाद शव कमरे में ही बंद कर फरार हो गई थी. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो हत्या की बात कबूल कर ली.
थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा ने बताया कि सुबोध की हत्या 2 मार्च को कर दी गई थी. इसके बाद पुलिस ने 6 मार्च को शव बरामद किया था. जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने सुबोध की प्रेमिका शारदा को गिरफ्तार किया.
थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा ने बताया कि शारदा शादीशुदा है, उसके तीन बच्चे हैं. वहीं सुबोध के चार बच्चे हैं. दोनों बीते एक साल से अवैध संबंध में थे और दोनों बारीगोड़ा में किराए पर रह रहे थे. किराए का घर लेते समय दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया था. इसी बीच दो मार्च को शराब पीने के बाद दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए. इसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया और हाथापाई भी हुई.
इसी दौरान सुबोध ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कही और दुपट्टे के फंदा गले में डाल लिया. इस दौरान शारदा ने गुस्से में आकर सुबोध को धक्का दे दिया, जिससे सुबोध फांसी पर लटक गया. आरोप है कि शारदा ने सुबोध का गला भी दबा दिया. इसके बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की. शारदा ने शव को कमरे में ही बंद कर दिया और फरार हो गई.
'पुजारी ने जमीन और गहने बेचवा दिए, इसी को लेकर होता था झगड़ा'
थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा ने कहा कि शारदा ने पुलिस को बताया कि पुजारी ने एक साल साथ रहने के दौरान उसकी जमीन और गहने बेचवा दिए थे. इसी बात को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था. जब भी पुजारी से पैसे वापस मांगती थी, तब वह मारपीट करने लगता था. इन्हीं सब कारणों से उसकी हत्या कर दी. सुबोध के बेटे ने हत्या के बाद शारदा पर शक जताते हुए केस दर्ज कराया था. इसी के आधार पर शारदा को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई थी, जिसमें मामले का खुलासा हो गया.